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पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार का दावा: 500 दिन के अभियान में 6,608 किलो हेरोइन बरामद, अब तस्करों की संपत्ति पर नजर

Punjab heroin recovery: पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे होने पर कार्रवाई के आंकड़े जारी किए। मंत्री बलबीर सिंह ने हेरोइन बरामदगी और तस्करों पर कार्रवाई की जानकारी दी।
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Balbir Singh Punjab minister

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की गई है। फोटो सोर्स-ANI

Punjab drug campaign: पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के 500 दिन पूरे होने पर राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। आम आदमी पार्टी 'आप' के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दावा किया कि पिछले चार साल में सरकार ने बड़ी मात्रा में हेरोइन जब्त की है और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की गई है।

नशे पर कार्रवाई के आंकड़े पेश

मंत्री ने कहा कि सरकार की कार्रवाई का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। उनके मुताबिक, पिछले चार सालों में 6,608 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। उन्होंने इसकी तुलना पिछली सरकारों के कार्यकाल से करते हुए कहा कि अकाली दल और भाजपा की सरकारों के करीब 15 साल के दौरान कुल 5,229 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का फोकस नशे की सप्लाई रोकने के साथ-साथ युवाओं को इससे दूर रखने पर भी है। इसके लिए खेल गतिविधियों, जिम और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नशा तस्करों की कमर तोड़ने की तैयारी

उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। मंत्री ने दावा किया कि पहले ऐसी कार्रवाई देखने को नहीं मिलती थी, लेकिन अब सरकार तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर भी काम कर रही है।

'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के तहत राज्य में पुलिस और दूसरे विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सिर्फ नशा पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की मांग और सप्लाई दोनों को कम करना है।

खेल और शिक्षा से युवाओं को जोड़ने की पहल

मंत्री ने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा और दूसरी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के तहत राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ाने और युवाओं को बेहतर विकल्प देने पर जोर दिया जा रहा है।

हालांकि पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार की ओर से लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। सरकार का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।