
(चंडीगढ): पंजाब के जीरकपुर में युवाओं ने मिलकर एक दल या जत्थेबंदी का गठन किया। यह दल नई पीढी को नशे से मुक्त कराने के लिए काम करेगा। दल ने शनिवार को अपनी बैठक में नशा मुक्ति के उपायों पर विचार किया। इस दल में युवकों के साथ युवतियों को भी शामिल किया गया। इन युवाओं ने कहा कि नशे से मुक्ति के लिए युवाओं को जागरूक किया जाएगा। नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों का पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस के सहयोग की अपेक्षा
दल की महिला सदस्यों ने कहा कि उनके इस अभियान में हालांकि पुलिस से सहयोग मिलने की उम्मीद है लेकिन पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारी स्वयं ही ड्रग तस्करी में लिप्त है। ऐसे में पुलिस की ओर से अधिक मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सदस्यों यह राय भी जाहिर की कि ड्रग की छोटी मात्रा बेचने वालों के बजाय बडी तस्करी करने वालों को गिरफ्तार कर जेल में डाला जाना चाहिए। दल ने युवाओं को जागरूक करने के लिए सेमिनार जैसी गतिविधयां आयोजित करने का फैसला भी किया है। जीरकपुर पंजाब के मोहाली जिले का एक नगर है जो कि चंडीगढ से सटा हुआ है। मोहाली में नगर परिषद स्थापित है और करीब एक लाख की आबादी है।
सरकार भी ड्रग की समस्या से निपटने को तत्पर
इधर पंजाब सरकार भी नशे की समस्या से निपटने के लिए जी जान से प्रयास कर रही है। सरकार किसी भी ऐसे प्रशानिक अधिकारी को नियुक्ति देने से बच रही है जो स्वयं ही नशे या उससे जुडे किसी भी काम में लिप्त हो।इसका एक उदाहरण है मोगा जिले के एसएसपी का तबादला। मोगा जिले के तत्कालीन एसएसपी राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करी के आरोपी इंस्पेक्टर इन्द्रजीत सिंह को बचाने के आरोप लगे थे जिसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा। उनके स्थान पर कंवलजीत सिंह ढिल्लों को नए एसएसपी के तौर पर नियुक्त किया गया पर उन पर भी ड्रग मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जांच लंबित थी जिसके बाद मोगा जिले का नया एसएसपी बनाया गया। इस बार साफ सूथरी छवी वाले आइपीएस आॅफिसर जीएस तूर को जिला पुलिस का नया मुखिया नियुक्त किया गया।