
चेन्नई। तिरुवन्नामलै में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 22.71 किलोमीटर लंबी बायपास सड़क के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। यह फोर-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे 60 मीटर चौड़ाई के साथ बनाया जाएगा और राज्य सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से 638.38 करोड़ रुपए की लागत से कार्यान्वित किया जाएगा। इस प्रस्तावित राजमार्ग से पोलूर और चेय्यार से चेंगम और सेलम की ओर जाने वाले वाहनों का यात्रा समय लगभग 30 मिनट तक कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा यह सड़क तिरुवन्नामलै गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक बेहतर कनेक्टिविटी देगी, जिससे थंडरमपेट और आसपास के गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी। यह हाईवे वेलानंडल गांव (सरकारी अस्पताल) से शुरू होकर चेंगम-तिरुवन्नामलै राष्ट्रीय राजमार्ग होकर एनथल गांव (वेट्टावलम बायपास) तक जाएगा। अनुमान है कि बायपास बनने से तिरुवन्नामलै शहर में वाहनों की आवाजाही लगभग 13.5 किलोमीटर कम हो जाएगी।
कुल 22.71 किलोमीटर में से लगभग 13 किलोमीटर नई ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट होगी। शेष लगभग 10 किलोमीटर तिरुवन्नामलै-चेंगम राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर-लेन में चौड़ा किया जाएगा। मंत्रालय ने परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, फिलहाल आरणी, चेय्यार, पोलूर और कांचीपुरम से आने वाली सरकारी बसें और वाहन तिरुवन्नामलै शहर होकर चेंगम, सेलम, उत्तंगरै जैसे गंतव्यों के लिए 13 किलोमीटर अतिरिक्त भीड़भाड़ वाले रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। परियोजना में छह छोटे पुल, तीन फ्लाईओवर, चार वाहन अंडरपास, पांच हल्के वाहन अंडरपास, एक रोड ओवर ब्रिज और 63 कलवर्ट शामिल हैं।
तिरुवन्नामलै निवासी आर. सुबकृष्णा ने बताया कि यह नया ग्रीनफील्ड फोर-लेन राजमार्ग वेलूर-तिरुवन्नामलै एनएच 38 को सीधे मेडिकल कॉलेज अस्पताल और चेंगम रोड से जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि इससे चेंगम, तानीपडी, थंडरमपेट के लोग जो अब तक अस्पताल पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर घूमकर जाते हैं, अब केवल 10 किलोमीटर में सीधे पहुंच सकेंगे। इस परियोजना के तहत लगभग 4,506 पेड़ काटे जाने प्रस्तावित हैं। इसकी भरपाई के लिए ठेकेदार कम से कम 45,060 पौधे लगाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू होगा।