
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। (फोटो- ANI)
Rahul Gandhi on Delimitation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने BJP की केंद्र सरकार और RSS पर निशाना साधा और परिसीमन को तमिलनाडु के खिलाफ एक राजनीतिक साजिश बताया। चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि डीलिमिटेशन की इस प्रक्रिया का मकसद तमिलनाडु के लोगों से उनके पॉलिटिकल अधिकार छीनना और उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित करना है।
राहुल गांधी ने परिसीमन को तमिलनाडु के वजूद से जोड़ते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ सीटों के रीस्ट्रक्चरिंग से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा, "मुझे तमिलनाडु के लोगों, तमिल भाषा और राज्य के भविष्य के बारे में कुछ बहुत जरूरी बातें कहनी हैं। BJP जानबूझकर परिसीमन करने की कोशिश कर रही है। इस डिपरिसीमन का फ्रेमवर्क ही तमिलनाडु के लोगों की राजनीतिक ताकत और अधिकार छीनने के लिए बनाया गया है। यह पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी की एक साजिश है।"
तमिलनाडु के इतिहास का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या पार्टी जो परिसीमन का समर्थन करता है, वह तमिलनाडु के साथ धोखा कर रहा होगा। उन्होंने कहा कि परिसीमन का समर्थन करने वाला कोई भी व्यक्ति राज्य और उसके भविष्य के साथ धोखा कर रहा है। ऐसा व्यक्ति लोगों और उनके भविष्य पर हमले में RSS और BJP की मदद कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि परिसीमन का समर्थन करने वाला '21वीं सदी का एट्टप्पन' है। तमिल इतिहास और लोककथाओं में 'एट्टप्पन' शब्द का इस्तेमाल गद्दार या धोखेबाज के लिए एक सिंबल के तौर पर किया जाता है।
राहुल गांधी ने राज्य के सभी नागरिकों और पॉलिटिकल पार्टियों से अपील की कि वे एकजुट हों और परिसीमन का विरोध करें। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई सड़क से लेकर पार्लियामेंट तक हर जगह लड़ी जानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी तमिल व्यक्ति को परिसीमन का सपोर्ट नहीं करना चाहिए। राज्य के हर नागरिक को इसका खुलकर विरोध करना चाहिए। तमिलनाडु की हर रीजनल पार्टी और देश की हर नेशनल पार्टी की यह ड्यूटी है कि वे संसद में इस परिसीमन प्रस्ताव को पूरी ताकत से हराएं।
Updated on:
1 Aug 2026, 6:20 PM IST
Published on:
1 Aug 2026, 6:01 PM IST
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