
चेन्नई. तमिलनाडु के नामक्कल जिले के राशिपुरम में नवजातों की चोरी और अवैध खरीद-फरोत का कारोबार सालों से स्वास्थ्य विभाग की आंखों के नीचे हो रहा है। नि:संतान दपतियों की मुराद पूरी करने के नाम पर फले-फूले इस गोरखधंधे की एडवांस बुकिंग होती है। बच्चा चोर गिरोह की महिला और ग्राहक के बीच हो रही सौदेबाजी का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसने सरकारी अस्पतालों में शिशुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस ऑडियो की जांच के आदेश दिए हंै।
इस काण्ड के तार राशिपुरम में सेवानिवृत्त नर्स अमुदा से जुड़े हैं। आरोप है कि वह जन्म प्रमाण-पत्र के साथ ग्राहकों को नवजात शिशु बेचती है। अमुदा ने कुछ साल पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। वह खरीद-बिक्री में एजेंट की भूमिका में है। उसकी यह करतूत कथित रूप से गत तीस सालों से धड़ल्ले से बेरोकटोक जारी है।
इस पृष्ठभूमि में आरोपित अमुदा और एक दपती के बीच नवजात की सौदेबाजी का रिकॉर्ड किया गया ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इस वजह से स्वास्थ्य प्रशासन में हड़कप मच गया है। स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश ने इस काण्ड की जांच के आदेश दे दिए हंै।
ऑडियो में अमुदा कहती सुनाई पड़ रही है, '३० हजार रुपए देकर बच्चे की एडवांस बुकिंग करने के बाद जब बच्चा आएगा तब आप प्रत्यक्ष देखकर अपने साथ ले जा सकते हैं।Ó वह महिला दपती को ढाई से तीन लाख रुपए तक का इंतजाम करने को कह रही है। वह कहती है कि बच्चे के रंग और वजन के आधार पर रेट तय होती है और इसमें मोलभाव की कोई गुंजाइश नहीं है।
यह आशंका व्यक्त की गई है कि यह बच्चों की तस्करी का अंतरराज्यीय सिंडिकेट है जो देशभर के विभिन्न इलाकों में अपने नेटवर्क के जरिए शिशुओं की चोरी कराता है।
स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश ने कहा कि ऑडियो के आधार पर प्रथम दृष्ट्या जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। जिला कलक्टर पड़ताल करेंगे और दोषियों के विरुद्ध सत कार्रवाई की जाएगी।