
चेन्नई। तमिलनाडु के आवडी के 25 वर्षीय युवक बी. प्रवीण राज ने परिवार के विरोध के बावजूद 27 वर्षीय ट्रांसजेंडर महिला कयलविझी से कानूनी रूप से शादी कर ली। दोनों ने गोबीचेट्टीपालयम स्थित मणितम लॉ फाउंडेशन में आत्म-सम्मान विवाह किया, जहां उनका विवाह पंजीकृत किया गया और प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। प्रवीण राज चेन्नई की एक आईटी कंपनी में काम करते हैं। करीब सात साल पहले उनकी पहचान फेसबुक के जरिए कयलविझी से हुई थी।
धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती प्यार में बदल गई। जब प्रवीण ने अपने माता-पिता को शादी की इच्छा बताई तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। इसके बाद दोनों ने करीब दो साल पहले तिरुचेंगोडै के एक मंदिर में शादी कर ली थी। बताया गया कि मंदिर में शादी के बाद जब प्रवीण घर लौटे तो उनके परिवार ने उन्हें चेन्नई के एक निजी काउंसलिंग सेंटर में जबरन भर्ती करा दिया। वहां उनका इलाज कराने की कोशिश की गई। मई 2025 में सेंटर से लौटने के बाद भी परिवार ने कथित तौर पर उनकी शादी किसी दूसरी महिला से कराने की तैयारी शुरू कर दी।
स्थिति को देखते हुए प्रवीण ने कयलविझी की मदद से घर छोड़ दिया। इसके बाद दोनों गोबीचेट्टीपालयम पहुंचे और मणितम लॉ फाउंडेशन से संपर्क किया। संस्था ने उनके लिए आत्म-सम्मान विवाह का आयोजन किया और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कराईं। फाउंडेशन के संस्थापक और वरिष्ठ अधिवक्ता एम. चेन्नियप्पन ने बताया कि उनकी संस्था ऐसे लोगों की मदद करती है जिन्हें अपनी पसंद से शादी करने में सामाजिक या पारिवारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रवीण और कयलविझी का विवाह कानूनी रूप से पंजीकृत किया गया है और उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी सौंप दिया गया है।
इस कानूनी पंजीकरण के साथ दोनों के सात साल पुराने रिश्ते को आधिकारिक मान्यता मिल गई। यह मामला परिवार के विरोध के बावजूद अपनी पसंद से विवाह करने और ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को लेकर फिर चर्चा में आ गया है। बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक ट्रांसजेंडर महिला और युवक ने शादी की थी। श्रीजा दुल्हन के जोड़े में और अरुण कुमार पारंपरिक रेशमी वेष्टी और शर्ट पहनकर मंदिर पहुंचे थे। हालांकि उस दौरान मंदिर के पुजारियों ने शादी करवाने से इंकार कर दिया था। एक अन्य ट्रांसजेंडर मित्र की मदद से दोनों ने तय समय पर शादी कर की थी।