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Chennai News: अंतिम संस्कार से पहले खुली हॉस्पिटल की बड़ी गलती, पोस्टमार्टम के बाद बदल गए दो लड़कियों के शव

Stanley Hospital: चेन्नई के स्टेनली हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के बाद दो लड़कियों के शव परिजनों को बदलकर सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार से पहले गलती का पता चलने पर अस्पताल प्रशासन ने शव वापस बदलकर मामले की जांच शुरू कर दी।
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Chennai News

एआई तस्वीर

चेन्नई। तिरुवल्लुवर जिले के आरपाक्कम गांव की अनुष्का नाम की 19 साल की लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। माता-पिता ने उसे बचाकर नजदीकी सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बाद में अनुष्का को आगे के इलाज के लिए चेन्नई के स्टेनली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां हॉस्पिटल में इलाजरत अनुष्का की मौत हो गई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू की। इसी तरह मनली निवासी प्रियदर्शिनी (17) नामक लड़की के फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद मनली पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्टेनली हॉस्पिटल भेज दिया। अनुष्का और प्रियदर्शिनी के शवों की जांच के बाद मुर्दाघर के स्टाफ ने टोकन नंबर देकर उनके माता-पिता को सौंप दिया।

अस्पताल स्टाफ ने वापस बदले शव

इसके बाद प्रियदर्शिनी के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार करने के लिए अपने घर चले गए। जब उन्होंने शव को खोला तो वे यह देखकर चौंक गए कि वह प्रियदर्शिनी का नहीं किसी दूसरी लड़की का शव था। परिजनों ने तुरंत हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन से इसकी शिकायत की और स्टाफ जांच करने के लिए दौड़ा तो पता चला दोनों शव परिवर्तित हो गए थे। प्रियदर्शिनी के शव की जगह अनुष्का का शव रख दिया गया था। इसके बाद हॉस्पिटल स्टाफ ने अनुष्का का शव उसके परिजनों और प्रियदर्शिनी का शव माता-पिता को सौंप दिया। स्टेनली हॉस्पिटल में ऑटोप्सी पूरी होने के बाद बॉडी बदलने के मामले की हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन जांच कर रहा है।

पहले भी सामने आया था मामला

बता दें कि तिरुवल्लूर सरकारी अस्पताल में जून 2025 में शवों की अदला-बदली का मामला सामने आया था। अस्पताल की लापरवाही के कारण एक स्थानीय व्यक्ति का शव गलती से बिहार के एक मृतक के परिजनों को सौंप दिया गया था। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन को एम्बुलेंस बीच रास्ते से वापस बुलानी पड़ी थी। जानकारी के अनुसार तमिलनाडु के 69 वर्षीय मजदूर राजेंद्रन और बिहार निवासी मंची की मौत हो गई थी।पोस्टमार्टम के बाद बिहार से आए मंची के परिजन गलती से राजेंद्रन का शव अपना समझकर एम्बुलेंस से बिहार के लिए रवाना हो गए।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

जब एम्बुलेंस करीब 800 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, तब राजेंद्रन के परिजन अस्पताल पहुंचे और शव नहीं मिलने पर आपत्ति जताई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें शवों की अदला-बदली की पुष्टि हुई। गलती सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस को वापस बुलाया। शव को तमिलनाडु लाकर राजेंद्रन के परिजनों को सौंपा गया, जबकि बिहार निवासी मृतक का शव उसके परिवार को दिया गया।