Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के सचिव श्री एस. कृष्णन ने IIT Madras में ‘Param Shakti’ सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी का शुभारंभ किया। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित PARAM RUDRA सुपरकंप्यूटर पर आधारित है, जिसकी क्षमता 3.1 पेटाफ्लॉप है।
देश में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के सचिव श्री एस. कृष्णन ने IIT Madras में ‘Param Shakti’ सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी का शुभारंभ किया। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित PARAM RUDRA सुपरकंप्यूटर पर आधारित है, जिसकी क्षमता 3.1 पेटाफ्लॉप है।
PARAM SHAKTI फैसिलिटी की स्थापना National Supercomputing Mission (NSM) के तहत की गई है। इसे Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) द्वारा डिजाइन, विकसित और लागू किया गया है। इस सुपरकंप्यूटर का संचालन ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर AlmaLinux और C-DAC द्वारा विकसित सिस्टम सॉफ्टवेयर स्टैक पर होता है, जिससे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलता है।
PARAM SHAKTI सुपरकंप्यूटर एक सेकंड में 3.1 क्वाड्रिलियन गणनाएं करने में सक्षम है। इससे शोधकर्ता जटिल समस्याओं को तेजी और सटीकता से हल कर सकते हैं, जिससे अनुसंधान में वर्षों का समय बचता है। इसका उपयोग एयरोस्पेस, मटेरियल्स, क्लाइमेट मॉडलिंग, ड्रग डिस्कवरी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
श्री एस. कृष्णन ने उद्घाटन के दौरान कहा कि NSM के तहत भारत में अब तक 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए जा चुके हैं, और कई और पाइपलाइन में हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों से भारत का अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है। साथ ही, उन्होंने बताया कि IndiaAI Mission के तहत विभिन्न GPU आर्किटेक्चर का उपयोग कर शोधकर्ताओं को विविध तकनीकी प्लेटफॉर्म्स पर काम करने का मौका मिल रहा है।
IIT Madras के निदेशक प्रो. वी. कमकोटी ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान में बहुविषयक शोध को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने छात्रों से ऊर्जा दक्ष कोडिंग और GPU रिसोर्स साझा करने की अपील की। वहीं, C-DAC के महानिदेशक श्री ई. मघेश ने RUDRA प्लेटफॉर्म की यात्रा साझा करते हुए स्वदेशी HPC सिस्टम अपनाने की जरूरत पर बल दिया।
PARAM SHAKTI फैसिलिटी मई 2025 से ऑपरेशनल है और अब तक 80% से अधिक उपयोगिता दर हासिल कर चुकी है। इसके जरिए शोधकर्ता कंप्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, मटीरियल्स साइंस, न्यूक्लियर साइंसेज और ड्रग डिस्कवरी जैसे क्षेत्रों में तेज, लागत-कुशल और प्रतिस्पर्धी शोध कर पा रहे हैं।
PARAM SHAKTI जैसे सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी भारत के अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।