
कोयंबत्तूर.यहां के बोलुवामपट्टी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा स्थापित नवीन चडिवायल हाथी शिविर में बुधवार रात्रि दो हाथियों को लाया गया। इनमें एक नर हाथी ‘मुथु’ है, जिसकी आयु 24 वर्ष है और जो पूर्व में जंगली था, एवं एक मादा हाथी ‘कावेरी’ है जिसकी आयु 17 वर्ष है। दोनों को अनामलाई टाइगर रिजर्व के उलंथी वन परिक्षेत्र स्थित कोझिकामुथि हाथी शिविर से वन विभाग के विशेष वाहनों द्वारा रात्रि 11.30 बजे यहां पहुंचाया गया। हाथियों के आगमन पर विशेष पूजा-अर्चना की गई और तत्पश्चात उन्हें शिविर में प्रवेश कराया गया। यह वही शिविर है जिसका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 30 दिसम्बर 2025 को किया था।
‘मुथु’ नामक नर हाथी को स्थानीय जनता ‘अरिसि राजा’ के नाम से पुकारती थी क्योंकि उसे चावल की गंध विशेष रूप से आकर्षित करती थी। यह हाथी 14 नवम्बर 2019 को पोल्लाची के समीप अरथनारिपालयम क्षेत्र में पकड़ा गया था, जब उसने चार लोगों की जान ले ली थी, जिनमें एक आठ वर्षीय बालिका भी सम्मिलित थी। वन विभाग ने इसे वश में कर ‘मुथु’ नाम प्रदान किया।‘कावेरी’ भी पूर्व में जंगली हाथी थी। इसे 2013 में तिरुवन्नामलै जिले में चिकित्सक दल द्वारा पकड़ा गया था, जब वह छह हाथियों के समूह में विचरण कर रही थी। वन परिक्षेत्र अधिकारी के. जयचंद्रन ने बताया कि ‘मुथु’ को उन जंगली हाथियों को वापस वन में खदेड़ने के कार्य में लगाया जाएगा जो प्रायः बागानों में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं ‘कावेरी’ को इस प्रकार के कार्य में सम्मिलित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान वन संरक्षक एवं ए.टी.आर. के फील्ड निदेशक डी. वेंकटेश के निर्देशानुसार भविष्य में और नर हाथियों को चडिवायल शिविर में लाया जाएगा।
वर्तमान में यह विचाराधीन है कि क्या पर्यटकों को इन हाथियों के भोजन एवं अन्य गतिविधियों को देखने की अनुमति दी जाए, जैसा कि कोझिकामुथि शिविर अथवा मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के थेप्पाक्काडु शिविर में प्रचलित है।चडिवायल शिविर में ‘मुथु’ और ‘कावेरी’ का आगमन वन विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है जो न केवल वन्यजीव प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगी बल्कि ग्रामीण अंचलों में हाथियों से उत्पन्न संकट को भी कम करेगी।
Updated on:
26 Feb 2026, 8:56 PM IST
Published on:
26 Feb 2026, 8:56 PM IST
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