
Kavya Gupta Chhatarpur: मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर में पन्ना रोड पर रहने वाली छठवीं क्लास की 11 वर्षीय छात्रा काव्या गुप्ता की गुरुवार को इलाज के दौरान सांसें थम गईं। उल्टी-दस्त की शिकायत होने के बाद परिजन काव्या को दोबारा गुरुवार को अस्पताल लेकर पहुंचे थे, अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। काव्या के इस तरह से अचानक छोड़कर जाने से परिवार व महर्षि विद्या मंदिर के शिक्षक व छात्र शोक में हैं।
छतरपुर में पन्ना रोड स्थित लॉर्ड होटल के पीछे रहने वाले दीपक गुप्ता की 11 वर्षीय बच्ची काव्या गुप्ता शहर के महर्षि विद्या मंदिर में छठवीं क्लास की छात्रा थी। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को अचानक काव्या की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजन उसे तुरंत डॉ. पीयूष बजाज के पास लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी तबीयत में सुधार आया और बुधवार को डिस्चार्ज होने पर परिजन उसे घर ले आए।
परिजनों के मुताबिक गुरुवार को फिर से काव्या की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे फिर से डॉ. पीयूष बजाज के पास लेकर पहुंचे, हालत गंभीर होने के कारण उसे नर्मदा हॉस्पिटल भेजा गया, फिर वहां से गुरुवार को ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। परिजन ने पोस्टमार्टम नहीं कराया, इसलिए मौत का कारण स्पष्ट नहीं पाया है। गुरुवार को ही छत्रसाल नगर के पास स्थित मुक्तिधाम में काव्या का अंतिम संस्कार किया गया।
काव्या के इस तरह से अचानक चले जाने से परिवार और महर्षि शिक्षा मंदिर स्कूल के स्टाफ व छात्र शोक में हैं। परिजनों ने ये भी बताया है कि काव्या की हालत बिगड़ने के बाद अटैक जैसे लक्षण दिख रहे थे, हालांकि पोस्टमार्टम न कराए जाने के कारण मौत की सही वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने परिजनो के बयान दर्ज किए हैं।