MP News: मध्य प्रदेश में एक युवक ने पुलिस कस्टडी में जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जिले में यह तीसरी ये ऐसी घटना है।
Police Custody Death: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चंदला थाने के भीतर शुक्रवार को नाहर ग्राम निवासी 22 वर्षीय राम विशाल अहिरवार उर्फ रज्जू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने थाना परिसर में ही जहरीला पदार्थ गटक लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने चंदला थाना प्रभारी संदीप दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। (MP News)
मृतक की मां मुलिया अहिरवार और पत्नी लीला ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। मां का आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे पुलिस राम विशाल को घर से उठाकर ले गई थी। परिवार की ही एक महिला द्वारा लगाए गए चोरी के संदेहास्पद आरोप को आधार बनाकर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और थाने के भीतर उसके साथ अमानवीय मारपीट की। परिजनों का दावा है कि इसी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर राम विशाल ने थाने में ही आत्मघाती कदम उठाया।
थाने में युवक की हालत बिगड़ते देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उसे आनन-फानन में पहले चंदला स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पत्नी लीला अहिरवार ने बताया कि उसे घटना की जानकारी काफी देर बाद दी गई। पीड़ित परिवार अब दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़ा है।
इधर, लवकुशनगर एसडीओपी नवीन दुबे ने पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि मृतक की पत्नी के पुराने आवेदन पर दोनों पक्षों को सुलह के लिए बुलाया गया था। पुलिस का दावा है कि काउंसलिंग के बाद उन्हें बाहर वेटिंग एरिया में बैठाया गया था, जहाँ युवक ने अचानक जहर खा लिया। हालांकि, पुलिस यह बताने में विफल रही कि संवेदनशील थाना परिसर के भीतर युवक के पास जहरीला पदार्थ पहुँचा कैसे?
एसपी अगम जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिवार से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया और मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है और जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे जिले में पुलिस के व्यवहार और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर जनता के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।
यह घटना जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है, क्योंकि पिछले दो महीनों में कस्टडी में मौत का यह तीसरा मामला है: