
CM Mohan Yadav : मध्यप्रदेश में केन-बेतवा परियोजना पर असंतोष का राजनीतिक लाभ लेने की कांग्रेस की मंशा पर फिलहाल पानी फिरता नजर आ रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने न केवल प्रभावितों से बात की बल्कि विस्थापन को लेकर राज्य सरकार पर कई सवाल खड़े करते हुए संसद में यह मुद्दा उठाने का वादा भी किया। इसकी काट के लिए सीएम मोहन यादव स्वयं खजुराहो पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को हड़काते हुए केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित हर एक परिवार से मिलकर उनकी समस्याएं दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर एमपी की सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों योजना के प्रभावितों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर केन-बेतवा लिंक परियोजना में विस्थापन को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मैं इस लड़ाई में आदिवासी भाई-बहनों के साथ हूं। संसद में भी यह मुद्दा उठाने की बात कही।
विस्थापितों से जुड़े मामले में राहुल के बड़े-बड़े आरोपों पर मध्यप्रदेश सरकार और बीजेपी ने भी पलटवार किया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में उनके एक-एक आरोप का जवाब दिया। सरकार और बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों पर कहा कि कांग्रेस, झूठा भरोसा दिलाकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही है।
प्रभावितों के संबंध में तथ्य प्रस्तुत करने के साथ ही राहुल गांधी की काट के लिए सरकार मैदान पर भी सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव खुद खजुराहो जा पहुंचे और केन-बेतवा लिंक परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने पन्ना व छतरपुर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में घर- घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें। विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की कठिनाइयों को सुनकर उनका निराकरण कराया जाए।
सीएम मोहन यादव ने कहा, राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर मप्र में लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी प्रस्तावित है।
बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के 1382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। समीक्षा बैठक में खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।