छतरपुर

चिल्लाते रहे बच्चे, फोन पर मां ने सुनी चीखें, पिता ने कमरे में बंद कर लगाई आग

Father set fire to children room: कमरे में लगी आग और बच्चों की चीखें सुनकर बचाने पहुंचे पड़ोसी तो पिता ने पत्थर उठाकर रोकने की कोशिश की बोला- क्यों बचा रहा हो?

2 min read
May 02, 2026
chhatarpur
Father set fire to children room

Father set fire to children room: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के नौगांव में एक शख्स ने अपने दो मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर कमरे में आग लगा दी। बच्चे चीखते चिल्लाते रहे कि पापा ऐसा मत करो, आग मत लगाओ लेकिन पिता नहीं माना। इधर कमरे में से उठ रहा धुंआ और बच्चों की चीखें सुनकर आस पड़ोस के लोग मदद के लिए पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर किसी तरह बच्चों को सुरक्षित बचाया। घटना में बच्चे मामूली रुप से झुलस गए हैं जिसके कारण उन्हें नौगांव सामुदायिक केन्द्र ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।

चिल्लाते रहे बच्चे, मां ने फोन पर सुनी चीखें

नौगांव शहर के छतरपुर रोड स्थित धर्म कांटा के पास तिवारी मोहल्ले में थाना पलेरा निवासी राघवेंद्र तिवारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार सुबह ही उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे राघवेंद्र तिवारी दोनों बच्चों जय तिवारी (लगभग 8 वर्ष) और हर्ष मणि तिवारी (लगभग 5 वर्ष) को किराए के मकान में ले गया और वहां कमरे में बंद कर कमरे में आग लगा दी। संयोग से इसी वक्त पत्नी ने बच्चों के बारे में पूछने के लिए पति राघवेन्द्र को मोबाइल पर कॉल किया। जब पति ने कॉल रिसीव किया तो बच्चों के चीखने की आवाज आ रही थी, बच्चे चिल्ला रहे थे- पापा मत जलाओ, मम्मी हमें बचाओ। बच्चों की चीख सुनकर मां के रोंगटे खड़े हो गए।

पड़ोसियों ने बचाई जान

घर से उठ रहे धुएं और बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लिए मदद के लिए पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर आग पर काबू पाया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चों को तुरंत नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद बच्चे इतने सहमे हुए हैं कि वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता राघवेंद्र तिवारी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पत्थर लेकर पड़ोसियों को रोका बोला- क्यों बचा रहे?

बताया गया है कि घटना के वक्त आरोपी पिता राघवेन्द्र भी बच्चों के साथ कमरे में था। जब लोग बच्चों को बचाने के लिए पहुंचे तो आरोपी ने पत्थर उठाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, वो कह रहा था- क्यों बचा रहे हो? घटना में बच्चों के हाथ-पैर हल्के झुलस गए हैं। चर्चाएं ये भी हैं कि आरोपी पिता राघेन्द्र किसी बीते कुछ समय से किसी तांत्रिक के संपर्क में था और तांत्रिक के कहने पर ही ये घटना की है।

Published on:
02 May 2026 04:15 pm
Also Read
View All
6.30 करोड़ का बजट, मई में वर्क ऑर्डर, जून में डामर का टोटा! छतरपुर में पन्ना रोड सडक़ निर्माण के नाम पर अब पैचवर्क का खेल, पहली ही बारिश में बह जाएंगे सरकारी दावों के लाखों रुपए

अब गंभीर मरीजों को बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत, छतरपुर जिला अस्पताल की 5 मंजिला सुपर स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट में इसी सप्ताह से मरीजों को मिलेगा

राम दरबार में थमीं सांसें, मुंबई के श्रद्धालु की बागेश्वर धाम में मौत, पूरी हुई अंतिम इच्छा

छतरपुर में पर्यावरण नियमों को फूंककर सुलग रहे अवैध ईंट भट्टे, शहर की हवा में घुला धीमा जहर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रहस्यमयी खामोशी से जनता के स्वास्थ्य पर मंडराया बड़ा संकट

स्कूल के पहले दिन ही कई जगह लटके ताले, सांदीपनि विद्यालय में विलय हुए स्कूलों में कोई जानकारी चस्पा न होने से भटकते रहे छात्र व परिजन