
Father set fire to children room: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के नौगांव में एक शख्स ने अपने दो मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर कमरे में आग लगा दी। बच्चे चीखते चिल्लाते रहे कि पापा ऐसा मत करो, आग मत लगाओ लेकिन पिता नहीं माना। इधर कमरे में से उठ रहा धुंआ और बच्चों की चीखें सुनकर आस पड़ोस के लोग मदद के लिए पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर किसी तरह बच्चों को सुरक्षित बचाया। घटना में बच्चे मामूली रुप से झुलस गए हैं जिसके कारण उन्हें नौगांव सामुदायिक केन्द्र ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
नौगांव शहर के छतरपुर रोड स्थित धर्म कांटा के पास तिवारी मोहल्ले में थाना पलेरा निवासी राघवेंद्र तिवारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार सुबह ही उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे राघवेंद्र तिवारी दोनों बच्चों जय तिवारी (लगभग 8 वर्ष) और हर्ष मणि तिवारी (लगभग 5 वर्ष) को किराए के मकान में ले गया और वहां कमरे में बंद कर कमरे में आग लगा दी। संयोग से इसी वक्त पत्नी ने बच्चों के बारे में पूछने के लिए पति राघवेन्द्र को मोबाइल पर कॉल किया। जब पति ने कॉल रिसीव किया तो बच्चों के चीखने की आवाज आ रही थी, बच्चे चिल्ला रहे थे- पापा मत जलाओ, मम्मी हमें बचाओ। बच्चों की चीख सुनकर मां के रोंगटे खड़े हो गए।
घर से उठ रहे धुएं और बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लिए मदद के लिए पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर आग पर काबू पाया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चों को तुरंत नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद बच्चे इतने सहमे हुए हैं कि वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता राघवेंद्र तिवारी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बताया गया है कि घटना के वक्त आरोपी पिता राघवेन्द्र भी बच्चों के साथ कमरे में था। जब लोग बच्चों को बचाने के लिए पहुंचे तो आरोपी ने पत्थर उठाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, वो कह रहा था- क्यों बचा रहे हो? घटना में बच्चों के हाथ-पैर हल्के झुलस गए हैं। चर्चाएं ये भी हैं कि आरोपी पिता राघेन्द्र किसी बीते कुछ समय से किसी तांत्रिक के संपर्क में था और तांत्रिक के कहने पर ही ये घटना की है।