छतरपुर

ग्रामीण इलाके के खराब हैंडपंपों का नहीं हो रहा सुधार, लोग परेशान

जिले के ग्रामीण अंचलों में लगे हैंडपंपों के खराब होने के कारण यहां के रहवासियों की समस्या और बढ़ गई है। जिले के कई ऐसे गांव हैं, जहां के हैंडपंप खराब पड़े हैं और शिकायत के बावजूद इनमें सुधार नहीं किया जा रहा है।

2 min read
May 19, 2024
खराब पड़ा हैंडपंप

छतरपुर. इन दिनों समूचे जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से तमाम तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। इसी बीच जिले के ग्रामीण अंचलों में लगे हैंडपंपों के खराब होने के कारण यहां के रहवासियों की समस्या और बढ़ गई है। जिले के कई ऐसे गांव हैं, जहां के हैंडपंप खराब पड़े हैं और शिकायत के बावजूद इनमें सुधार नहीं किया जा रहा है। हालांकि पीएचई विभाग का दावा है कि शिकायत मिलते ही हैंडपंपों में सुधार कराया जा रहा है।

कंट्रोल रुम में शिकायत पर भी सुनवाई नहीं


जिला मुख्यालय से सटे ग्राम बगौता के लगभग सभी हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे हैंडपंपों के सुधार हेतु जिला मुख्यालय पर बनाए गए कंट्रोल रूम सहित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं बावजूद इसके आज तक हैंडपंपों में सुधार नहीं हो सका है। इसी तरह राजनगर क्षेत्र के ग्राम टिकरी से भी हैंडपंपों के खराब होने की जानकारी मिली है। यहां के ग्रामीण भी हैंडपंप खराब होने के कारण जलसंकट से जूझ रहे हैं। टिकरी के ग्रामीण अपनी समस्या अधिकारियों को बता चुके हैं लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

खराब हैंडपंप सुधरवाने के लिए बनाया गया है कंट्रोल रुम


गौरतलब है कि कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर जिला पंचायत कार्यालय में खराब हैंडपंपों की शिकायत हेतु कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका नंबर 07682-259929 है। उक्त हेल्पलाइन नंबर पर प्रतिदिन जिले भर से डेढ़ दर्जन के आसपास शिकायतें प्राप्त हो रही हैं लेकिन शिकायत लिए जाने के बाद उनका निराकरण न होने से लोग मायूस हो जाते हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण अंचलों में हैंडपंपों खराब होने के कारण ग्रामीणों को तपती दोपहर में दूर-दराज के कुंओं से पानी ढोना पड़ रहा है। दैनिक उपयोग के अलावा लोगों को अपने मवेशियों के लिए भी पानी की आवश्यकता होती है, ऐसे में हैंडपंप खराब होना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या है।

इनका कहना है


हैंडपंप खराब होने की शिकायत मिलने के अगले दिन ही सुधार कार्य कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर जलस्तर कम हो गया है, वहां पाइप डलवाए जा रहे हैं। अधिक जल स्तर कम होने की स्थिति में हम सबमर्सिबल की व्यवस्था करवा रहे हैं।
संजय कुमरे, कार्यपालन यंत्री, पीएचई विभाग, छतरपुर

Published on:
19 May 2024 11:04 am
Also Read
View All
पत्रिका की खबर का असर: छतरपुर सर्किल के बिजली अधिकारियों पर भड़के मुख्य अभियंता, बोले- तुरंत बंद करें खुले डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और अघोषित कटौती

1600 करोड़ का बजट डकार गए ठेकेदार और अफसर, प्यासा रह गया छतरपुर जिला, जल जीवन मिशन में धांधली, 1078 गांवों का सपना 238 पर ही टूटा

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बड़ा फर्जीवाड़ा: भाई की जगह बीएड की परीक्षा दे रहा मुन्नाभाई दबोचा, पहले भी दे चुका था 3 पेपर; गोपनीयता और प्रवेश व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

8 साल बाद फिर 47 डिग्री के पार पहुंचा खजुराहो का पारा: अब फिर अंगारों सी तपिश से लोग बेहाल, इस साल पहली बार लू का रेड अलर्ट

छतरपुर के ग्रामीण इलाकों में गहराया भीषण जलसंकट: नल-जल योजनाएं बनीं शो-पीस, सूखे हैंडपंपों के कारण 2 किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर हुए ग्रामीण