छतरपुर

ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने वाले सावधान! डीवीटी बीमारी के बढ़ रहे मामले, पांच संकेतों से करें पहचान

Deep vein thrombosis: लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि की कमी से डीवीटी का खतरा बढ़ सकता है। जिला अस्पताल में एक महीने में ऐसे 36 मरीज पहुंचे।
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Oct 13, 2026
long sitting deep vein thrombosis symptoms prevention
Deep vein thrombosis symptoms: ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने बढ़ रहा डीवीटी का खतरा (फोटो सोर्स-Magnific)

Deep vein thrombosis symptoms: घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, लंबी यात्रा और शारीरिक गतिविधियों की कमी से नसों में खून का थक्का जमने का खतरा बढ़ सकता है। इस समस्या को डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) कहा जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर थक्का फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। जिला अस्पताल में बीते एक माह में नसों में थक्का जमने की शिकायत वाले करीब 36 मरीज पहुंचे हैं। लगातार कई घंटे बैठकर काम करने वाले, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले और शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोगों में थ्रोम्बोसिस का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, हाल में हुई सर्जरी, लंबे समय तक बिस्तर पर रहना, कैसर और पहले खून का थक्का जमने का इतिहास भी जोखिम बढ़ाते हैं। यह समस्या केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है।

पैरों के संकेतों को न करें नजरअंदाज

एक पैर में अचानक सूजन, पिंडली में दर्द, त्वचा का गर्म होना या रंग में बदलाव डीवीटी के संभावित लक्षण हैं। ऐसे संकेत मिलने पर जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। अचानक सांस फूलना, सीने में दर्द या खून वाली खांसी होने पर तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। ये फेफड़ों तक थक्का पहुंचने के संकेत हो सकते हैं।

नियमित गतिविधि से बचाव

छतरपुर जिला अस्पताल के डॉ. आशीष शुक्ला के अनुसार, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से पैरों की नसों में रक्त प्रवाह धीमा हो सकता है। इससे बचने के लिए काम के दौरान नियमित अंतराल पर उठकर चलना, पैरों को हिलाते रहना और रोजाना शारीरिक गतिविधि करना चाहिए। लंबी यात्रा के दौरान भी बीच-बीच में चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अचानक सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर बिना देर किए अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

डीवीटी के प्रमुख संकेत

एक पैर में सूजन: आमतौर पर यह सूजन केवल एक पैर, पिंडली (calf), या जांघ में अचानक शुरू होती है।

पैर में दर्द या ऐंठन: प्रभावित पैर या पिंडली में तेज दर्द, मरोड़ या भारीपन महसूस होना, जो चलने या खड़े होने पर बढ़ जाता है।

त्वचा का गर्म होना: जिस जगह थक्का बना है, वहां की त्वचा छूने पर बाकी शरीर की तुलना में अधिक गर्म महसूस होती है।

त्वचा का रंग बदलना: पैर की त्वचा का रंग लाल, नीला, या गहरा (discolored) पड़ जाना।

नसें उभरना: त्वचा की सतह के पास की नसें सूजी हुई और साफ दिखाई देने लगती हैं।

Updated on:
13 Oct 2026 09:51 am
Published on:
13 Oct 2026 09:50 am