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बागेश्वर धाम में दुष्कर्म मामले पर अपडेट, दो माह में सामने आएगा जैविक पिता कौन?

Bageshwar Dham Rape Case: बागेश्वर धाम में नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच का दायरा बढ़ा। एफएसएल में राजू जाटव भ्रूण का जैविक पिता नहीं निकला। हाईकोर्ट ने विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।
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Bageshwar Dham Rape Case

दुष्कर्म मामले में जांच का दायरा आगे बढ़ा (फोटो सोर्स: Patrika File)

Chhatarpur News : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में एक तरफ जहां जबलपुर स्थित एमपी हाईकोर्ट ने जांच का दायरा आगे बढ़ा दिया है। वहीं, बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को इस मामले की कार्रवाई आगे बढ़ी है। मामले में छतरपुर एसपी को विषेश टीम गठित करने के निर्देश देते हुए जांच आगे बढ़ाने को कहा गया है।

आपको बता दें कि, इस मामले पर जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच ने राजू जाटव की दूसरी जमानत अर्जी निरस्त करते हुए टीम को ये पता लगाने के निर्देश दिए कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किसने किया और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है? जांच दो माह में पूरी करने को कहा गया है।

राजू पर लगा था जबरन दुष्कर्म का आरोप

सामने आए प्रकरण में जांच के दौरान नाबालिग करीब दो महीने की गर्भवती पाई गई थी। नाबालिग के गर्भपात के बाद भ्रूण सुरक्षित रखकर एफएसएल जांच कराई गई। हालांकि, सामने आई रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। कोर्ट में नाबालिग ने राजू द्वारा दुष्कर्म किए जाने से इंकार किया, जबकि पुलिस के समक्ष दर्ज बयानों में उसने राजू पर बागेश्वर धाम में जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महिलाओं-युवतियों से की थी अपील

आपको बताते चले कि, इससे पहले 3 अक्टूबर की रात कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं से अकेले बागेश्वर धाम न आने के साथ - साथ अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की भी अपील की थी। संभवत: शास्त्री ने इसी घटनाक्रम के बाद सतर्कता बरतते हुए महिलाओं से इस तरह की अपील की थी। हालांकि उनकी अपील में इस प्रकरण का कोई उल्लेख नहीं था।