
Chhatarpur Married couple assault: मध्य प्रदेश के छतरपुर के नौगांव जेल रोड निवासी दंपति प्रमोद तिवारी और उनकी पत्नी सुषमा तिवारी ने कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह सहित कुछ पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता करने के आरोप लगाए है। घटना के बाद प्रमोद तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दंपती का आरोप है कि वे पुलिस महानिरीक्षक से अपनी शिकायत के संबंध में मिलने पहुंचे थे, इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई। सोमवार शाम चार बजे दंपती आवेदन लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे थे।
उस समय सतीश सिंह नौगांव थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। प्रमोद का आरोप है कि चोरी के मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध से दो लाख रुपए लेकर उसे छोड़ दिया था। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी मामले में दंपती वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रमोद ने बताया कि सोमवार को उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली छतरपुर आए हैं। आईजी से अपनी शिकायत रखने के लिए वे पुलिस कंट्रोल रूम गए जहां से उन्हें सिविल लाइन थाना पहुंचे जहां आईजी के मौजूद होने की जानकारी उन्हें मिली थी। प्रमोद का आरोप है कि वहां मौजूद सीएसपी अरुण कुमार सोनी और टीआई सतीश सिंह से आईजी से मिलने को लेकर उनकी कहासुनी हुई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार में बैठाया और अंदर ले जाकर मारपीट की। इस दौरान रुपेश शर्मा और पुलिस चालक सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। मारपीट के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। प्रमोद ने आरोप लगाया कि 'छतरपुर पुलिस मेरा एनकाउंटर करना चाहती है। मेरी पत्नी के साथ छेड़छाड़ हुई है। मेरे मोबाइल में वीडियो जो अब पुलिस के पास है। पुलिस मेरी आवाज दबाना चाहती है।'
प्रमोद की पत्नी सुषमा तिवारी ने आरोप लगाया कि जब वह घटना का वीडियो बनाने का प्रयास कर रही थीं तो पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल छीन लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। दंपती ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में टीआई सतीश सिंह का कहना है कि पीड़ित एक साल से निराधार आरोप लगा रहा है। मैने सभी प्रयास करें, लेकिन सफलता नहीं मिली है।