छतरपुर

MP के छतरपुर में मां ने PUBG खेलने से रोका तो युवक ने पीया जहर, कांपने लगा शरीर

PUBG Addiction: पबजी गेम खेलने से मना किए जाने पर एक युवक ने जहरीला पदार्थ पीकर अपनी जान लेने की कोशिश करने की कोशिश की। मां के द्वारा पढ़ाई को लेकर डांटे जानें पर युवक ने उठाया खौफनाक कदम।

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Jun 03, 2026
pubg addiction youth drinks hair dye after mother asked to study mp news
pubg addiction youth drinks hair dye (फोटो-Patrika.com)

PUBG Addiction: मध्य प्रदेश के छतरपुर से ऑनलाइन गेम 'पबजी' (PUBG) की लत में डूबे युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मां ने बस इतना बोला- बेटा थोड़ा पढ़ाई भी कर ले…. इस पर वह इतना गुस्सा हो गया कि अपनी जान लेने की कोशिश की। मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग आज के दौर में में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन का एक बड़ा साधन बन चुके हैं, लेकिन जब यही शौक एक जानलेवा लत में बदल जाता है तो इसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं, इसका एक और चिंताजनक मामला छतरपुर में सामने आया है।

यहां पबजी गेम खेलने से मना किए जाने पर एक युवक ने जहरीला पदार्थ पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। हालांकि, परिजनों की सक्रियता और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की तत्परता के चलते युवक को समय पर इलाज मिल गया और उसकी जान बचा ली गई।

दिनभर फोन में खेलता था गेम, दोस्तों से की बातचीत बंद

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के छत्रसाल नगर का है। यहां 19 वर्षीय जितेंद्र यादव लंबे समय से मोबाइल पर ऑनलाइन गेम्स खेलने का आदी हो चुका था। परिजनो के अनुसार, जितेंद्र का अधिकांश समय मोबाइल पर ही गुजरता था। गेमिंग के इस एडिक्शन के कारण उसने पढ़ाई से दूरी बना ली थी और खान-पान तथा सामाजिक मेलजोल भी खत्म हो चुका था।

मां नें पढ़ाई करने के लिए डांटा, गुस्साए युवक ने गटका जहर

यह घटना 2 मई की रात की है। जितेंद्र हमेशा की तरह मोबाइल पर गेम खेल रहा था, तभी उसकी मां ने उसे फोन बंद करने को कहा और ऐसा न करने पर समझाइश दी। मां ने उसे प्यार से समझाया और सिर्फ इतना कहा कहा- बेटा थोड़ा पढ़ाई कर ले। मां की यही टोकना जितेंद्र को इतना नागवार गुजरा कि उसने गुस्से और आवेश में आकर घर में रखी हेयर डाई (जहरीला पदार्थ) का सेवन कर लिया। कुछ ही देर में जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो घबराए परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरो ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण युवक की जान खतरे से बाहर है।

पहले भी आए मामले

यह पहली घटना नहीं है, कुछ वर्ष पहले एक 15 वर्षीय छात्र ने ऑनलाइन गेम की सट्टेबाजी में मोटी रकम हारने के बाद डिप्रेशन में आकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वर्ष 2021 में एक और मामला सामने आया था, जहां एक 13 वर्षीय छात्र ने ऑनलाइन गेम में करीब 40 हजार गंवा दिए थे। डर और पछतावे के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

Published on:
03 Jun 2026 08:30 pm