छतरपुर

बागेश्वर धाम में कवि कुमार विश्वास की रामकथा, श्री राम को लेकर कह दी बड़ी बात

रामकथा कहने बागश्वर धाम के मंच पर पहुंचे कवि कुमार विश्वास। बोले- हम सबको दृष्टि देने वाले दृष्टा राम ही हैं।

2 min read
kumar vishvas ramkatha in bageshwar dham
बागेश्वर धाम में कवि कुमार विश्वास की रामकथा, श्री राम को लेकर कह दी बड़ी बात

इन दिनों मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के सांस्कृतिक मंच से देशभर के लिए धर्म की गंगा बह रही है। आयोजन के दूसरे दिन कवि डॉ. कुमार विश्वास अपने अंदाज में रामकथा सुनाने पहुंचे। 'अपने-अपने राम की चर्चा' में कवि कुमार विश्वास ने कहा कि 'जिन्होंने जंगल में मनुष्यता के भाव का दर्शन कराकर दिखाया वही हम सबके आराध्य श्रीराम हैं। जगत पिता भगवान राम ने हम सबको दृष्टि दी, वो ही संसार के दृष्टा हैं। पूरी दुनिया भगवान के नाखून के धूल के कण के समान भी नहीं है।'


बता दें कि, बागेश्वर धाम के पुण्य महामहोत्सव में 'अपने-अपने राम' कार्यक्रम पर चल रहे व्याख्यान में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि मन की चेतना और सांसारिक चेतना में अंतर है। जो राम की कथा सुनते हैं वे वरदानी होते हैं। एक प्रसंग को लेकर उन्होंने कहा कि भगवान राम ने समुद्र बांधने के लिए एक पत्थर छोड़ा, लेकिन वो डूब गया, तब हनुमान जी ने कहा कि भगवन जिसे आप छोड़ देंगे वो संसार में कैसे उबर पाएगा। जो भाई की बात पर हमेशा हां कहता है, वही घर राममय होता है। जो संपत्ति को न देने की भावना बनाता है, उसके घर में कलेश होते हैं। उन्होंने आगे ये भी कहा कि शास्त्र का घरों में पठन-पाठन घट रहा है। इसके नतीजे ये हैं कि, व्यवस्थाएं बदल रही हैं। ईश्वर के आशीर्वाद से कृतज्ञता आती है।

कथा की शुरुआत में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि, ये जीवन ईश्वर ने भक्ति के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा जो जीवन बचा हुआ है, उसे जनकल्याण में लगाकर विशेष बनाएं। उन्होंने चरण पादुका सिंहपुर को याद करते हुए कहा कि जिन वीर सपूतों ने संस्कृति बचाने के लिए सीने में गोलियां खाईं, उनके चरित्रों को अपने जीवन में उतारने की आवश्यक्ता है।

बता दें कि, इन दिनों बागेश्वर धाम के महाकुंभ में 108 कुण्डीय श्री अतिविष्णु यज्ञ भी चल रहा है। शहीदों के लिए यज्ञ करने वाले परमपूज्य बालक योगेश्वरदास महाराज ने इस यज्ञ को शहीदों को समर्पित किया। बुंदेलखंड का जलियांवाला बाग कहे जाने वाले चरण पादुका से कलश में जल भरकर बागेश्वर धाम लाया गया। इससे पहले शहीद स्मारक में मौजूद लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर बलिदानियों को याद किया। कलश यात्रा में परमपूज्य बालक योगेश्वर दास जी महाराज के अलावा विधानसभा सचिव अवधेश प्रताप सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के शंकर सोनी, महेश द्विवेदी के अलावा अमित सोनी, जीतेन्द्र घोष, उपेन्द्र प्रताप सिंह लकी, नेहरू युवा केन्द्र के सदस्य व ब्रहकुमारी आश्रम के सदस्य शामिल रहे।

कलश को एक शोभायात्रा के साथ बागेश्वर धाम लेकर आया गया। यहां य कलश बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को सौंपा गया। ये कलश यज्ञ स्थल में स्थापित किया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराजश्री ने कहा कि जिन्होंने देश की शान के लिए अपनी जान न्यौछावर की है, वे हमेशा हमारे जीवन में अविस्मरणीय रहेंगे।

Published on:
29 Feb 2024 05:03 pm
Also Read
View All
राम दरबार में थमीं सांसें, मुंबई के श्रद्धालु की बागेश्वर धाम में मौत, पूरी हुई अंतिम इच्छा

छतरपुर में पर्यावरण नियमों को फूंककर सुलग रहे अवैध ईंट भट्टे, शहर की हवा में घुला धीमा जहर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रहस्यमयी खामोशी से जनता के स्वास्थ्य पर मंडराया बड़ा संकट

स्कूल के पहले दिन ही कई जगह लटके ताले, सांदीपनि विद्यालय में विलय हुए स्कूलों में कोई जानकारी चस्पा न होने से भटकते रहे छात्र व परिजन

आज से खुलेंगे स्कूल: एक दर्जन गांवों में स्कूल भवनों का नामोनिशान नहीं, मलबे के ढेर और खुले आसमान के नीचे भविष्य संवारने को मजबूर मासूम

रिश्वत के लिए डेढ़ साल तक रोकी फाइल, छतरपुर में संभागीय लेखा अधिकारी 4000 रूपए घूस लेते गिरफ्तार