छतरपुर

जल संकट से जूझ रहा यूपी-एमपी को पानी देने वाला उर्मिल बांध

बांध का अधिकांश भू-भाग नजर आ रहा खाली
2 min read
Urmil Dam UP MP Drinking Water Now water conservation
Urmil Dam UP MP Drinking Water Now water conservation

छतरपुर। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध अपनी दुदर्शा पर आंसू बहा रहा है। हालात यह हैं कि पानी से लबालब रहने वाले उर्मिल बांध में स्वयं अब पानी का संकट है। ऐसी स्थिति में उर्मिल बांध का अधिकांश भूभाग खाली नजर आ रहा है। उर्मिल बांध में इस समय महज दस मीटर ही पानी शेष बचा है। ऐसे में अगर बारिश का इसी तरह अभाव रहा तो उर्मिल बांध से कुछ ही दिनों में धूल उड़ती नजर आएगी।
उर्मिल बांध यूपी-एमपी की सीमा पर यूपी व एमपी सरकार के समझौते के तहत बनाया गया था। तब यह तय किया गया था बांध का 40 फीसदी पानी यूपी क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए दिया जाएगा। जबकि 60 फीसदी पानी एमपी को मिलेगा। उर्मिल बांध का यूपी को मिलने वाला ४० फीसदी पानी में से यूपी के महोबा शहर के लिए पेयजल की व्यवस्था की जाती है। महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत उर्मिल बांध से पाइप लाइन डाली गई है। जबकि फिल्टर प्लांट श्रीनगर कस्बे में बनाया गया है। वहीं एमपी को मिलने वाले पानी का इस्तेमाल खेती में सिंचाई के लिए होगा। ऐसे में उर्मिल बांध का पानी दोनों प्रदेशों के लिए काम आता है लेकिन उर्मिल बांध में इस समय स्वयं पानी का संकट है। उर्मिल बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता २३६ मीटर है। जबकि डेड लेविल 228.80 मीटर है। पानी के अभाव में उर्मिल बांध का पानी दो माह पहले ही डेड लेविल के नीचे चला गया था। तभी से उर्मिल बांध पानी की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के मौसम में भी उर्मिल बांध में पानी नहीं है। ऐसे में यूपी-एमपी सीमा पर स्थित उर्मिल बांध स्वयं पानी की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि उर्मिल बांध में अब नाममात्र का ही पानी शेष बचा है। ऐसे में समय से बारिश नहीं हुई तो लोगों को खासी दिक्तों का सामना करना पड़ेगा। वहीं उर्मिल बांध में जलभाव के चलते आसपास के इलाकों में भी पेयजल संकट छाया हुआ है। लोगों बारिश की आस मेंं आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए बैठे हैं।
16 अगस्त 2016 को लबालब हुआ था उर्मिल बांध
उर्मिल बांध में 16 अगस्त 2016 को क्षमता से अधिक पानी भर गया था। तब बांध के दो फाटक खोल दिए गए थे। उर्मिल बांध की जल भंडारण क्षमता 236.50 मीटर है लेकिन उस समय बांध में 236.80 मीटर पानी भर गया था। उसके एक दिन पहले एक और फाटक खोला गया था। तब उर्मिल बांध में पानी लबालब था। हालात को देखते हुए 8464 क्यूसेक पानी डिसचार्ज कर दिया गया थ्ज्ञा। उस समय यूपी-एमपी की सीमा के निकट स्थित गांव में अलर्ट भी घोषित किया गया था। आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीण अपने रिश्तेदारों के यहां अन्य गांवो में डेरा जमाए हुए थे लेकिन अब उर्मिल बांध स्वयं पानी के संकट से जूझ रहा है। उर्मिल बांध का अधिकांश भू-भाग सूखा हुआ है।

Published on:
13 Jul 2018 12:55 pm
Also Read
View All
छतरपुर के कोचिंग सेंटरों में जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे छात्र: कहीं बेसमेंट तो कहीं तीसरी मंजिल पर चल रही क्लास, न फायर सेफ्टी के इंतजाम न सुरक्षा का जिम्मा

छतरपुर में बागेश्वर धाम जा रहे श्रद्धालुओं से भरा ई-रिक्शा पलटा, एक महिला की मौत

छतरपुर मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होगा पहला एमबीबीएस बैच: नवनियुक्त डीन और प्रोफेसर ने संभाली कमान, एनएमसी की हरी झंडी के लिए 535 पदों पर नियुक्तियां और तैयारियां तेज

छतरपुर जिले में ढाई लाख उज्ज्वला कनेक्शनधारी, 63 फीसदी नहीं करा रहे रिफिल

6.30 करोड़ का बजट, मई में वर्क ऑर्डर, जून में डामर का टोटा! छतरपुर में पन्ना रोड सडक़ निर्माण के नाम पर अब पैचवर्क का खेल, पहली ही बारिश में बह जाएंगे सरकारी दावों के लाखों रुपए