
Chhindwara Accident:छिंदवाड़ा में सरकारी कार्यक्रम से लौट रही ग्रामीणों से भरी बस गुरुवार शाम छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर पिकअप से टकरा गई। भीषण हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें 6 पुरुष, 3 महिलाएं व १ बच्चा है। 41 घायल हुए। इनमें से 10 गंभीर हैं। एक को नागपुर रेफर किया गया। बस से मोहखेड़ ब्लॉक के करेर, भंडारकुंड, ग्वारा गांव के 51 ग्रामीण छिंदवाड़ा पुलिस ग्राउंड में सीएम की सभा से लौट रहे थे। छिंदवाड़ा से 17 किमी दूर सिमरिया के पास शाम 6.30 बजे बस लहसुन से भरी पिकअप से भिड़ गई। ग्रामीणों ने बस में फंसे ग्रामीणों को निकालकर अस्पताल भेजा। हादसे के बाद हाईवे आधा घंटा जाम रहा।
इस हादसे में बस चालक कमल डेहरिया (54) व पिकअप चालक रवि धारे (40) समेत 10 की मौत हुई। इनमें भागवती विश्वकर्मा (45), दौलत फरकारे (40), सकुन यादव (45), रामदास पराने (45), रमेश उइके (45), सियाबाई इवनाती (40), वंश डेहरिया (7) मधुकर 43 शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने जबलपुर से डॉक्टरों के दल को छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए। तत्काल प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को छिंदवाड़ा भेजा। मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया। घायलों का इलाज फ्री में होगा। निगरानी के लिए भोपाल में स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम बनाया है।
हादसे में 41 लोग घायल हुए है जिसमें ग्राम करेर की आशा कुमरे, कपसी यादव, छाया कुमरे, इसके अलावा ग्राम कोसमढाना की सुखिया मुकासी, रेवती मेहद, सिमरन भोसम, ज्योति कोरकू, सविता युवनाती, ग्राम कोसमढाना के अनसवती शीलू, ग्राम कुसुमढाना से रमवती कोरकू, कमकवती कोरकू, करीना सीलू, सुमित्रा कोरकू, सुखवती कोरकू, मानवती शीलू, ग्राम खजुरिया की राजकुमारी खापरे, बबली पवार करेर, प्रमिला फरकारे करेर, रमिता मुकासी कोसमढाना, पूजा कावड़े कोसमढाना, सियावती वन ग्राम कोसमढाना, निहाल यादव करेर, जायवती शीलू कोसमढाना, सम्मोबाई कवरेती करेर, सुमित्रा शीलू कुसमढाना, भागवती सिरके ग्राम करेर, रामकली युवनाती ग्राम भंडारकुंड, कमला कुसमराम ग्राम भंडारकुंड, घनश्याम विश्वकर्मा ग्राम उमरानाला, इंद्रिरा फरकारे ग्राम करेर, ग्राम भंडारकुंड के सविता कुमरे, चंपालाल कुमरे, दीक्षा कुमरे सहित अन्य शामिल है।
हादसे की खबर सुनकर जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह भी देर रात 1.30 बजे घायल मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे। बताया जा रहा है कि वह अपने साथ जबलपुर मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर की टीम को भी साथ लाए थे। यहां उन्होंने मरीजों से उनका हाल जाना और हादसे के बारे में भी पूछताछ कर उन्हें सांत्वना दीं।