
छिंदवाड़ा. आदिकाल से शिक्षकों का एक महत्वपूर्ण स्थान है। एक दीप की तरह शिक्षक समाज को प्रकाशित करता है और संस्कारवान भविष्य बनाता है। सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन ने इसी ध्येय से अपना जन्मदिवस शिक्षकों को समर्पित कर दिया। ‘पत्रिका’ देश की नींव गढऩे वाले इन शिक्षकों का लगातार सम्मान करता आ रहा है। इसी क्रम में चौथे वर्ष पत्रिका शिक्षक सम्मान समारोह -2018 नवीन सतपुड़ा आइटीआइ भवन में आयोजित किया गया।
इस बार सेवानिवृत्त शिक्षक, कार्यरत शिक्षक, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी शिक्षा आदि विषयों पर मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों के लिए सम्मान समारोह हुआ। मुख्य अतिथि डीइओ आरएस बघेल, डीपीसी जीएल साहू, नवीन दुबे संचालक नवीन आइटीआइ, नवीन सुमन संचालक टाइम इंस्टीट्यूट, मनोज ठाकुर ब्रिलियंट कम्प्यूटर, अखिलेश सिंह चौहान पंडित नेहरू हायर सेकंडरी स्कूल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर समारोह की शुरुआत की गई। सालिगराम संगीत विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना की।
जिंदगी भर पढ़ाना शिक्षक की ड्यूटी
जीवन में कई उतार-चढ़ाव का सामना करने के बाद सफलता हासिल होती है। शिक्षक की ड्यूटी जिंदगीभर पढ़ाने और सीखने की होती है। सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षक की होती है, क्यांेकि वह देश का भविष्य तय करता है। शिक्षक एक दीप की तरह होता है, जो समाज को प्रकाशित करता है।
आरएस बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी
सही संस्कृति का बोध कराता है शिक्षक
शिक्षक एक महत्वपूर्ण पद है, जो समाज को सही दिशा प्रदान करता है तथा सही संस्कृति का बोध कराकर अच्छे समाज का निर्माण करता है। सामाज, ग्राम, देश का स्वरूप एक शिक्षक ही तैयार करता है। जन्म से लेकर अंत तक मनुष्य बिना शिक्षक के पार नहीं पा सकता है।
जीएल साहू, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र
गुरुचरण पड़ते ही शुद्ध हो जाता है स्थान
समाज में गुरु का स्थान बहुत ही अलग और महत्वपूर्ण है। जहां-जहां गुरु के चरण पड़ते हैं, वह स्थान शुद्ध हो जाता है। भारत देश की महानता के लिए शिक्षकों की भी अहम भूमिका है। बिना शिक्षा के इंसान अपने लक्ष्य को भेद नहीं पाता है। कई क्षेत्रों में इसके उदाहरण देखे जा सकते हैं।
नवीन दुबे, संचालक नवीन सतपुड़ा आइटीआइ
प्रतिभाओं का शहर है यह
महानगरों की तरह इस जिले में शिक्षा के उतने अच्छे संसाधन नहीं हंै, इसके बाद भी कई प्रतिभाएं यहां देखने को मिल जाती हैं। इसके लिए शिक्षक भी काफी मेहनत करते हैं। कहा जाता है कि पढ़ा वहीं सकता है, जो स्वयं प्रतिदिन पढ़ता है। दसवीं के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की जा सकती है।
नवीन सुमन, संचालक टाइम इंस्टीट्यूट
इनका किया गया सम्मान
संजय उपाध्याय, वीएस राजपूत, डीपी श्रीवास्तव, आरके पांडे, प्रो. पीएस भाटिया, एनएस बैस, एसडी वाजपेयी, योगेश सिसोदिया, शेखर सरदेशपांडे, ओपी शर्मा, उपेंद्र रजक, नितीन कोचेकर, आरएस पटेल, मनजीत सिंह बेदी, अरुण मिश्रा, राजेश दौडक़े, आरएस बैस, प्रकाश जायसवाल, सुशील सिंह परिहार, गोविंद गुप्ता, अभिषेक वर्मा, रमेश सोरठ, जयेश ढवली, आरपी सोनी, रूपेश शर्मा, नवीन दुबे, अखिलेश चौहान, मनोज ठाकुर, नवीन सुमन, पंडित उदितनारायण शर्मा, मानसिंग मालवीय, जेपी मिश्रा, आरएस चौहानिया, बलीराम इवनाती आदि शामिल हंै।
कार्यक्रम के प्रायोजक
नवीन सतपुड़ा प्राइवेट आइटीआइ, टाइम इंस्टीट्यूट, ब्रिलियंट कम्प्यूटर एवं सह प्रायोजक सत्कार हीरो व पंडित नेहरू हायर सेकंडरी स्कूल छिंदवाड़ा है।
मनमोहक संगीत की बच्चों ने दी प्रस्तुति
सालिगराम संगीत विद्यालय छिंदवाड़ा के छात्रों ने कार्यक्रम में मनमोहक गीत-संगीत की प्रस्तुति दी। जिसका श्रवण कर सभी मंत्रमुग्ध हो गए थे। विद्यालय के छात्रों में गायक गार्गी शर्मा, वैष्णवी झिंझोतकर, कुबेर सिंह मथुरिया, प्रवीण कुमार चौरिया, हारमोनियम वादक सानिध्य कुशवाह, ढोलक वादक यशवंत कुमरे, सिथेसाइजर अभिषेक इंगले तथा तबला वादक हर्ष बर्मन शामिल थे।