MP News: नियम तो बनाया गया है, लेकिन वर्तमान में पालन होता कम ही दिख रहा है, शहरी क्षेत्र में हजारों किराएदार रहते हैं, लेकिन उनकी जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पाती है....
MP News: अपने घर में किसी को किराए पर घर या कमरे देते हैं तो उसकी जानकारी खुद के अलावा पुलिस को भी अनिवार्य रूप से देनी चाहिए। अन्य किसी राज्यों में रहने वाले लोग जो यहां आकर कोई व्यापार करते हैं तथा किराए का आवास लेते हैं तो उन्हें भी मुसाफिरी पुलिस थाने में दर्ज करानी है।
नियम तो बनाया गया है, लेकिन वर्तमान में पालन होता कम ही दिख रहा है, शहरी क्षेत्र में हजारों किराएदार रहते हैं, लेकिन उनकी जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पाती है। कुछ जागरूक लोग जानकारी एकत्रित कर अपने नजदीक के थानों को सूचित करते हैं। पुलिस कभी कभार सक्रिय होकर अभियान शुरू करती है, लेकिन वह फिर से ठंडे बस्ते में चला जाता है। मकान मालिकों को जिमेदारी निभाते हुए पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
कोतवाली, देहात तथा कुंडीपुरा का क्षेत्र नगर निगम सीमा में आता है, इन थानों के शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा किराएदार रहते हैं। नगर निगम में मकानों की संख्या 50 हजार के करीब है। उस हिसाब से किराएदार संख्या कम है। किसी घटना के बाद ही यह बात सामने आती है कि थाने में किसी भी तरह का सूचना नहीं दी गई है।
शहर के गुलाबरा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मकान किराए से चलते हैं तथा लोग पुलिस के पास पहुंचकर सूचना नहीं देते हैं। कोतवाली पुलिस ने माइक से मुनादी कराते हुए लोगों को सीसीटीवी व किराएदार की सूचना देने के लिए जागरूक किया। उसके बाद भी मकान मालिक जानकारी देने थाने नहीं पहुंचे। एक फार्म भरकर पुलिस को देना होता है।
किराएदारों की जानकारी अनिवार्य रूप से लोगों को नजदीक के थाने में देनी चाहिए, यह परिवार व अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर जरूरी है। लोगों को सीसीटीवी भी अपने घरों पर लगाना चाहिए जो वर्तमान में काफी मददगार साबित होते हैं। - अजय राणा, सीएसपी, छिंदवाड़ा