छिंदवाड़ा

पांढुर्णा में किसानों ने सीएम मोहन यादव को दिखाई सूखी फसल, सीएम बोले- ‘सर्वे के दिए निर्देश’

सूखी फसल लेकर खड़े किसानों ने सीएम मोहन यादव को रोका, पांढुर्णा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, सीएम ने कहा- अधिकारियो को दिए सर्वे के निर्देश।
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mp cm mohan yadav
mp cm mohan yadav, पांढुर्णा में किसानों से मिले सीएम मोहन यादव (Source-Patrika)

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रीडॉ. मोहन यादव अपने एक दिवसीय दौरे पर रविवार को पांढुर्ना पहुंचे। सांदीपनि विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री ने किसानों और जिलेवासियों को भरोसा दिलाया कि सूखे से लड़ने के लिए जो भी बेहतर विकल्प होंगे उन्हें लागू किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कम बारिश के कारण जिले के लिए जो भी मदद हो सकेगी उसके लिए कमिश्नर और कलेक्टर दोनों को मेरी ओर से फ्रीहैंड हेंड दिया गया है।

सीएम बोले- हर संभव मदद करेंगे

सीएम मोहन यादव ने कहा कि कम वर्षा के कारण हुए नुकसान के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन इसका आंकलन कर रिपोर्ट देगा, हम उस हिसाब से आगे की योजना बनाएंगे। बारिश के अभाव में रोजगार हो या जो भी जरूरत होगी शासन हर संभव मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का 55वां जिला पांढुर्ना है इसके विकास के लिए षासन की ओर से कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। जिले में प्रशासन के आधारभूत ढांचे का विकास तेजी से हो रहा है। कलेक्टर-एसपी कार्यालय के निर्माण के साथ ही यहां औद्योगिक ढांचे को विकसित करने पर भी जोर रहेगा।

जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक सांदीपनि विद्यालय में हुई। यहां कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिले में निर्माण हो रहे सरकारी भवनों और कलेक्टर एसपी कार्यालयों के प्रगति की जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने बैठक में औद्योगिक विकास पर जोर देने के लिये कहा जिससे रोजगार के अवसर पैदा हों। बैठक के बाद जिला कांग्रेस और किसान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और पांढुर्णा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही विशेष पैकेज देने की मांग की।

किसानों ने दिखाईं सूखी फसलें

सांदीपनि विद्यालय से लौटते समय किसानों ने सीएम मोहन यादव को रोककर उन्हें अपनी सूखी फसलें दिखाईं। किसानों को देखकर सीएम अपनी गाड़ी से उतरे और किसानों के पास पहुंचे। किसानों ने सूखी फसलें दिखाकर अपने आर्थिक हालातों के बारे में बताया। किसानों ने कहा कि खरीफ फसल के लिए बीज, खाद और बिजली का बड़ा खर्च हो गया है। पानी के अभाव में फसलें जवाब देने लगी है। न तो खरीफ से कुछ हासिल होगा और न ही रबी की बोवनी की जा सकती है। ऐसे में उनके परिवार का पालन पोषण करने के साथ सहकारी बैंक से लिए ऋण को चुकाना उनके हाथ में नहीं है। किसानों ने कर्जा माफ करने और नष्ट हो रही फसलों का सर्वे कर मुआवजा प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सरकार फैसला लेगी।

Updated on:
04 Oct 2026 05:51 pm
Published on:
04 Oct 2026 03:43 pm
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