
छिंदवाड़ा.कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद गम्भीर हुए मरीज की जान बचाने में सहायक साबित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते युवक को गिरफ्तार किया गया है। देहात थाना पुलिस ने महाराष्ट्र के अमरावती जिला थाना गाडग़े नगर शुभम लेआउट रोहनी पार्क कथोरा नाका निवासी अजिंक्यठाकरे को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 6 बॉयल रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम, महामारी अधिनियम एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
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पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल को 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक अज्ञात व्यक्ति रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की कोशिश कर रहा है। प्रत्येक इंजेक्शन का दाम 25 हजार रुपए तय कर रखा है। एसपी अग्रवाल ने सूचना की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार उइके, नगर पुलिस अधीक्षक कीर्ति नरवरिया एवं देहात थाना के प्रभारी टीआइ महेन्द्र भगत को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। तत्काल एक टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से टीम के एक सदस्य ने मरीज बनकर रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले के मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया। टीम ने मौके पर पहुंच घेराबंदी कर अजिंक्य ठाकरे को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से छह इंजेक्शन, मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपी के कब्जे से जब्त सामग्री का बाजार मूल्य 3 लाख 25 हजार रुपए आंका जा रहा है।
एसपी के मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
जिला मुख्यालय पर 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की फिराक में घूम रहे आरोपी की जानकारी एसपी विवेक अग्रवाल के सक्रिय मुखबिर तंत्र के माध्यम से मिली। एसपी अग्रवाल ने तत्काल स्टॉफ को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जिसके बाद सफलता हाथ लगी। आरोपी को गिरफ्तार करने में देहात थाना के प्रभारी टीआइ महेन्द्र भगत, प्रधान आरक्षक शिवकरण पांडे, आरक्षक शैलेन्द्र मरकाम, आरक्षक ओमवीर जाट एवं आरक्षक नितिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।