चित्रकूट

Chitrakoot News: “सावधान! एक APK डाउनलोड और बैंक खाता साफ, 26 लोगों से 15 लाख उड़े, फिर हुआ चौंकाने वाला खुलासा”

Cyber Fraud:चित्रकूट में साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए APK फाइल, फर्जी निवेश और ऑनलाइन खरीददारी ठगी के शिकार 26 लोगों के 15.10 लाख रुपये वापस कराए। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी।

2 min read

चित्रकूट। बढ़ते साइबर अपराध के बीच चित्रकूट पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। APK फाइल, फर्जी शेयर निवेश योजनाओं और नकली ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए ठगी का शिकार बने 26 लोगों को राहत मिली है। साइबर सेल की तत्परता और तकनीकी जांच के चलते कुल 15 लाख 10 हजार 470 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए। इस कार्रवाई से लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। अधिकारियों ने आमजन से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से बचने की अपील की है।

ये भी पढ़ें

Kanpur News: मेट्रो स्टेशन के पास हुआ हादसा, बैग में मिली डायरी से फर्रुखाबाद कनेक्शन, पुलिस पहचान में जुटी

कैसे हुआ फ्रॉड?

साइबर अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से इन 26 लोगों को अपना शिकार बनाया। ठगों ने पहले APK फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया, फिर फर्जी निवेश योजनाओं और नकली शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए भरोसा जीता। जैसे ही पीड़ितों ने लिंक पर क्लिक किया या फाइल इंस्टॉल की, उनके मोबाइल का संवेदनशील डेटा—ओटीपी, बैंक डिटेल्स, फोटो और कॉन्टैक्ट—हैक कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने खातों से रकम पार कर दी।

ऐसे APK से रहें सावधान

साइबर ठग लोगों को झांसे में लेने के लिए RTO चालान, M-परिवहन या बैंकिंग ऐप के नाम से फर्जी APK फाइल भेजते हैं। ये फाइलें असल में खतरनाक मैलवेयर होती हैं, जो इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती हैं। इसके जरिए ठग ओटीपी, बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी चुरा लेते हैं। कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता और खाते से पैसे निकल जाते हैं। ऐसे मामलों में अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचना बेहद जरूरी है और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए।

पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ जरूरी बातें बताई हैं—किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें

OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें।

याद रखें: UPI पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है, पाने के लिए नहीं।

अनजान कॉल या मैसेज पर पैसे ट्रांसफर न करें।

सोशल मीडिया पर सस्ते सामान या नौकरी के झांसे से बचें।

किसी परिचित के नाम पर पैसे मांगने पर पहले पुष्टि जरूर करें।

शिकायत कहां करें?

यदि आप भी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो बिना देर किए तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। समय पर की गई शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर हेल्प डेस्क पर जाकर भी सूचना देना जरूरी है। पुलिस और साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से कई मामलों में ठगी की रकम को रोका या वापस कराया जा सकता है, इसलिए सतर्कता और त्वरित सूचना बेहद महत्वपूर्ण है।

Updated on:
18 Mar 2026 01:13 pm
Published on:
17 Mar 2026 10:58 am
Also Read
View All