Gangwar in Chitrakoot jail in UP - Three prisoners killed inside Chitrakoot jail. अपराधी अंशु दीक्षित ने सुबह के वक्त मौका पाते ही मेराज और मुकीम काला को पिस्टल से ढेर कर दिया। कहा जा रहा है कि अंशु उसके बाद भी अन्य कैदियों पर फायर करता रहा।
चित्रकूट. Gangwar in Chitrakoot jail in UP. शुक्रवार को चित्रकूट जेल (Chitrakoot Jail) के अंदर जिस कदर दो अपराधियों को हत्या करने के बाद हत्या करने वाले को भी मार गिराया गया, वह किसी फिल्मी कहानी से कम प्रतीत नहीं हो रहा। खबरों के अनुसार चित्रकूट की जेल में तीन कुख्यात अपराधी - अंशु दीक्षित, मेराज अहमद, मुकीम काला- बंद थे और पुलिस का सुरक्षा घेरा केवल जेल के बाहर बनाया गया था। सघन चेंकिंग के बाद ही कुछ सामान अंदर दाखिल होता था। पुलिस की मरजी के बगैर एक परिंदा भी वहां पर नहीं मार सकता था, लेकिन बकायदा एक हथियार पुलिस की नांक के नीचे से जेल परिसर में पहुंच गया। और फिर जो हुआ वह आज दिन भर सुर्खयों में रहा।
अपराधी अंशु दीक्षित ने सुबह दस बजे मौका पाते ही मेराज और मुकीम काला को पिस्टल से ढेर कर दिया। कहा जा रहा है कि अंशु उसके बाद भी अन्य कैदियों पर फायर करता रहा। जिसके चलते पुलिस को उसे मार गिराना पड़ा। तो अपराधी खत्म और हत्यारा भी खत्म, मतलब सुबूत भी खत्म। उस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए कई सवाल पुलिस व्यवस्था पर खड़ हो रहे हैं। पूरे जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध लगने लगी है। लेकिन अफसर हैं कि इसपर बात करने को तैयार नहीं है।
यूं अलग-अलग दिनों में आए थे तीन-
तीनों का जेल में आने की क्रोनोलॉजी देखिए। हत्यारा अंशु दीक्षित करीब डेढ़ वर्ष पहले आठ दिसंबर, 2019 से चित्रकूट जेल में बंद था। उसके सुल्तानपुर जेल से यहां शिफ्ट किया गया था। उसके पर विशेष निगरानी रखने की हिदायत भी दी गई थी। फिर 20 मार्च 2021 को मेराज को बनारस जिला जेल से चित्रकूट जेल में ट्रांसफर किया गया था। 7 मई 2021 को जिला जेल सहारनपुर से चित्रकूट जेल में मुकीम काला को लाया गया था।
क्या अंशु को नाश्ते के साथ पिस्टल पहुंचाई गई थी?
जेल सूत्राें की मानें, तो सुबह 9:30 बजे जेल के आदर्श कैदी सभी बैरकों में जाकर नाश्ता बांट रहे थे। इससे पहले सभी की गिनती की गई थी, जिसमें अधिकतर बैरक के बाहर थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान दौ कैदी एक बाल्टी में कच्चा चला व गुड़ लेकर अंशु की बैरक में पहुंचे और देकर वहां से चले गए। इसकी के तुरंत बाद अंशु ने पिस्टल से मेराज और मुकीम की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटनाक्रम पर यकीन करें, तो पता चलता है कि अंशु को नाश्ते के साथ ही पिस्टल पहुंचाई गई थी। खबरों की मानें, तो अंशु इसके बाद भी फायर करता रहा। साथ ही पांच अन्य कैदियों को भी मारने की धमकी देता रहा। डर के कारण मौजूद जेल कर्मी उसके करीब नहीं गए। बाद में पुलिस फोर्स पहुंची। उसे सरेंडर करने को कहा, लेकिन न मानने पर उसकी घेरबंदी करके एनकाउंटर किया गया।
सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट-
घटना से लखनऊ में भी हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश देते हुए डीजी जेल से 6 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी हैं। जिसके बाद प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज रेंज, पीएन पांडे घटना की जांच व स्थिति का जायजा लेने के लिए चित्रकूट पहुंच गए।