
वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे कुख्यात, शातिर और इनामी बदमाशों को पकड़ना किसी फिल्मी माइंड गेम से कम नहीं होता है। जब हाईटेक सर्विलांस के आगे अपराधी पैंतरे बदलने लगते हैं तब चित्तौडगढ़ पुलिस भी अपना मूल स्वरूप बदलकर मैदान में उतरी है। वर्दी की जगह कभी झाड़ू, कभी कड़छी तो कभी स्थानीय वेशभूषा धारण कर पुलिस ने अपराधियों को उनके ही बिल से बाहर खींच निकाला है।
जिले के निम्बाहेड़ा कोतवाली थाना क्षेत्र में 2024 में 6 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस हलवाई बनी। एएसआई सुरजकुमार ने बताया कि नाकाबंदी के दौरान 80 किलो डोडाचूरा पकड़ा था। वांछित आरोपी बहरोड-कोटपूतली जिले के शिक्षक कॉलोनी निवासी अनील की तलाश थी। पुलिस बहरोड़ गई एएसआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए हलवाई का काम किया। मुखबीर से पुलिस को सूचना मिली कि दुकान पर आरोपी आता-जाता रहता था। पुलिस ने दुकानदार को भरोसे में लेकर दुकान पर काम किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
2024 में 14 साल पुराने डकैती के एक मामले में पैरोल से फरार हुए इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने पंडित का रूप धारा। एमपी के नीमच जिले के भादवा माता में रह रहे चित्तौडगढ़ गंगरार कालीछांट के माधु पुत्र भगवाना कालेबेलिया को बलात्कार के मामले में 10 वर्ष की सजा हुई थी। सात साल बाद उसे पैरोल मिली थी। पैरोल के बहाने वह फरार हो गया, जिसकी पुलिस को सरगर्मी से तलाश थी। उस पर 10 हजार का ईनाम रखा गया था। निम्बाहेड़ा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाम बदलकर मध्यप्रदेश के भादवा माता में नाम बदलकर रह रहा है।
कपासन कस्बे में 2024 में ज्वैलरी की दुकान में 13 लाख की चोरी हो गई थी। पुलिस के दक्ष सिपाही रामावतार को आरोपियों के हरियाणा के हिसार में होने की सूचना मिली थी। पुलिस हरियाणा पहुंची। बदमाशों को शक न हो और सही ठिकानों तक पहुंच सकें, इसके लिए पुलिस ने आरोपियों की रैकी के लिए पुलिसकर्मी ऑटो चालक बने। ऑटो चलाया, फुटपाथ पर समोसे-कचौरी बनाए। तस्दीक होते ही हरियाणा पंजाब निवासी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।