
चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण समारोह के दौरान राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा 'सियासी तूफान' देखने को मिला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन का मुख्य केंद्र 'वंदे मातरम' विवाद और कांग्रेस पार्टी की कथित तुष्टीकरण नीति को बनाते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया। शाह ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के एक हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति 'वंदे मातरम' का गायन हो रहा था, तब कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने चालू गान के बीच में ही पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गाना रुकवाने का इशारा किया।
अमित शाह ने कहा कि पूरा देश टीवी पर इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गया। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में कांग्रेस ने आजादी के इस महामंत्र को इतिहास के पन्नों से मिटाने की कोशिश की है।
अपने भाषण में अमित शाह ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्राकट्य के 150वें वर्ष का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की वंदना का वह अमर उद्घोष है जिसे बोलते हुए हजारों स्वाधीनता सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ''इनकी निर्लज्जता देखिए, कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान के बीच कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने को कहा। 80 साल बाद जब बंकिम चंद्र का यह अमर गान फिर से अपना सम्मान प्राप्त कर रहा है, तो सोनिया गांधी को यह रास नहीं आता। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है। आपके द्वारा किया गया यह पाप देश कभी माफ नहीं करेगा। अगर थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से माफी मांगिए।'
अमित शाह ने कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने शुरुआत से ही राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ समझौता किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में इसे नया जीवन और भव्यता देने का संकल्प लिया, तो कांग्रेस नेतृत्व असहज हो गया।
शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की खातिर राष्ट्रीय गीत के टुकड़ों को स्वीकार किया या इसे दरकिनार करने की कोशिश की। चालू गान को अधूरा छोड़ना न केवल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अपमान है, बल्कि देश के उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान है जिनका आखिरी शब्द 'वंदे मातरम' था।
गृह मंत्री ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की मौजूदगी में निम्बाहेड़ा में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया। इस भव्य प्रतिमा का निर्माण लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से राजस्थान के 15 जिलों के लिए 5755 करोड़ रुपये के 944 विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के 70 साल के शासन में राजस्थान के केवल 11 लाख घरों में नल से पानी पहुंचा था, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 8 सालों में 64 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल का कनेक्शन दिया जा चुका है।
समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने 1999 में राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को वैश्विक पटल पर एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया था। आज उसी नीति का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुश्मनों को उनकी सीमाओं के भीतर मुंहतोड़ जवाब दिया है।
चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक धरती से अमित शाह द्वारा 'वंदे मातरम' विवाद पर दिए गए इस आक्रामक भाषण के बाद राजस्थान ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज होना तय माना जा रहा है।