
चिकारड़ा. गणपति विसर्जन के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देते हुए (फोटो-पत्रिका)
चित्तौड़गढ़। राजस्थान में अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जयकारों, ढोल-नगाड़ों और शोभायात्राओं के बीच गणपति विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इसी दौरान चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा में दो अलग-अलग हादसों ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार दोनों हादसे अलग-अलग स्थानों पर हुए। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय महावीर सिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत और 19 वर्षीय ओम प्रकाश पुत्र मांगी लाल कुमावत के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश होने के कारण क्षेत्र की नदियों और जल स्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं है। ऐसे में प्रशासन की ओर से गणपति प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए कुछ स्थान पहले से चिह्नित किए गए थे।
बताया जा रहा है कि दोनों युवक प्रशासन की ओर से तय सुरक्षित स्थलों के बजाय गहरी खदानों में प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंच गए थे। इन खदानों में पानी काफी गहरा था। इसी दौरान दोनों युवक पानी में डूब गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित सुरक्षित स्थानों का ही इस्तेमाल करें और गहरे जल स्रोतों में जाने से बचें।
चित्तौड़गढ़ शहर में भी अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के बीच शहर में शोभायात्राएं निकाली गईं। गांधी चौक और सुभाष चौक से भगवान गणेश की पारंपरिक झांकियों का जुलूस निकला। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते और गुलाल उड़ाते हुए आगे बढ़े।
शहर की करीब 20 पारंपरिक लाइसेंसी झांकियां प्रशासन की ओर से निर्धारित क्रम में निकलीं। इसके अलावा अलग-अलग मोहल्लों और कॉलोनियों से भी छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाले गए। अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन गंभीरी नदी में किया गया।
गंभीरी नदी तट के साथ बेड़च नदी, हाथीकुंड और मधुवन में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नगर परिषद ने व्यवस्था के लिए करीब 110 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए थे। सुरक्षा के लिए 45 गोताखोरों की टीम भी मौजूद रही।
चिकारड़ा में भी गणपति विसर्जन पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गणपति चौक से शुरू हुई यात्रा में झांकियों, बैंड-बाजे, डीजे और अश्व दल ने आकर्षण बढ़ाया। आयोजकों के अनुसार शोभायात्रा में करीब 10 क्विंटल गुलाल और 2 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। शाम करीब 5 बजे यात्रा काबरा डैम पहुंची, जहां मंत्रोच्चार के बाद गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
Updated on:
25 Sept 2026 08:18 pm
Published on:
25 Sept 2026 08:18 pm
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