
Chittorgarh: पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना (फाइल फोटो-पत्रिका)
चित्तौड़गढ़। नगर परिषद चुनाव के बाद निम्बाहेड़ा में शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। कोतवाली थाने में हुए विवाद के मामले में पुलिस ने पूर्व सहकारिता मंत्री एवं कांग्रेस नेता उदयलाल आंजना समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण 16 सितंबर को थाने में हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, 11 सितंबर को नगर परिषद चुनाव के मतदान के बाद वार्ड 19 में एक व्यक्ति के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने 16 सितंबर को कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपियों को पुलिस कार्रवाई के लिए थाने लाया गया। इसकी जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली थाने पहुंचे।
आंजना और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की। इस दौरान थाने में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। करीब तीन घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश टेलर ने दोनों पक्षों से बातचीत की और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद मामला शांत हुआ और आंजना समर्थकों के साथ थाने से लौट गए।
पुलिस की ओर से दर्ज प्रकरण में उदयलाल आंजना के अलावा रवि सोनी, बंटी पारख, जावेद खान, गोपाल आंजना, बाबूलाल धाकड़, दिनेश धाकड़, रोमिल चौधरी, मोहम्मद कुरैशी, उस्मान उर्फ कालू, लियाकत खान, जाकिर हुसैन और साजिद अली को नामजद किया गया है।
दर्ज मामले में आरोपियों पर गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, लोक सेवक को उसके कर्तव्य पालन से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल करने, धमकी देने और जानबूझकर अपमान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों, मौके पर मौजूद लोगों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
Updated on:
19 Sept 2026 11:07 pm
Published on:
19 Sept 2026 11:03 pm
