चित्तौड़गढ़

सोने से कम नहीं, गुम जाए तो गम नहीं; खरीद सकते हैं केवल 150 रुपए में

पहले महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वैलरी किराए पर लाती थी। जिससे दुल्हन को भी सजाया जाता था। लेकिन अब मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाएं इसका ज्यादा इस्तेमाल करने लगी हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

चित्तौड़गढ़। विवाह के सीजन में सोने की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों और सर्राफा व्यापारियों को संकट में डाल दिया है। इधर, महिलाओं में आर्टिफिशियल ज्वैलरी को लेकर जबरदस्त क्रेज सामने आ रहा है। वे ड्रेस के मैचिंग वाली पसंदीदा आर्टिफिशियल ज्वैलरी पहन रही हैं। इसके चलते इन ज्वैलरी की दुकानों पर ग्राहकी बढ़ गई है।

सोने के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर

आसमान छूते सोने के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। चित्तौड़गढ़ में बुधवार को आखातीज पर प्रति दस ग्राम सोने के भाव 97 हजार 500 रुपए और चांदी के भाव 95 हजार 500 रुपए प्रति किलो रहे। पहले महिलाएं विवाह समारोहों में जाने से पहले सोने के छोटे-मोटे आभूषण खरीद लिया करती थी। अब सोने के भाव बढ़ने से सिर्फ दूल्हा-दुल्हन को देने के लिए ही सोने के आभूषण खरीदे जा रहे हैं।

150 रुपए से 4000 तक में उपलब्ध आर्टिफिशियल ज्वैलरी

वह भी कम वजन वाले आभूषण ज्यादा बिक रहे हैं। इसके अलावा अधिकांश महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वैलरी अपनी ड्रेस के मैचिंग के हिसाब से खरीद रही हैं। आर्टिफिशियल ज्वैलरी डेढ़ सौ रुपए से लेकर चार हजार रुपए तक में उपलब्ध हो जाती है। जिसमें सोने के जेवर जैसी डिजाइन और चमक भी देखने को मिल रही है। दूसरा महिलाओं को यह भी फायदा है कि शादी-ब्याह की भीड़ में यदि आर्टिफिशियल ज्वैलरी गुम भी हो जाए तो ज्यादा चिन्ता नहीं होती।

बदलते परिवेश में आर्टिफिशियल ज्वैलरी ज्यादा सुरक्षित

गांधी नगर निवासी गृहिणी पूजा जोशी का कहना है कि सोने की चेन, बालियां और पर्स छीनने की घटनाएं अमूमन होती रहती है। इसलिए वह आर्टिफिशियल ज्वैलरी ज्यादा पसंद करती है। सेंती निवासी आभा के कहना है कि आर्टिफिशियल ज्वैलरी गुम भी हो जाए तो अफसोस नहीं होता। बदलते परिवेश में आर्टिफिशियल ज्वैलरी ज्यादा सुरक्षित है।

मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाएं कर रही इस्तेमाल

इससे पहले महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वैलरी किराए पर लाती थी। जिससे दुल्हन को भी सजाया जाता था। लेकिन अब मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाएं इसका ज्यादा इस्तेमाल करने लगी हैं। अलग-अलग ड्रेस के लिए अलग-अलग ज्वैलरी जैसे कानों के झुमके, बालियां, टॉप्स, गले की चेन, हार, बाजूबंद जैसे आइटम आने लगे हैं। महिलाएं अब आर्टिफिशियल ज्वैलरी किराए पर लेने के बजाय खरीदने लगी हैं।

40 की जगह 15 से 20 ग्राम वजन में गहने बुक कर रहे

सोने के बढ़ते दामों ने भी इसका क्रेज बढ़ा दिया है। हालत यह है कि मध्यमवर्गीय परिवारों के लोग तो अब सोने के भाव जानकार ही निराश हो रहे हैं। अब सोने की खरीददारी केवल विवाह वाले परिवार तक सीमित रह गई है। वह भी बहुत जरूरी गहनों और की। सोने चांदी का काम करने वाले व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां लोग 40 ग्राम तक के गहनों की बुकिंग करते थे अब वे महज 15 से 20 ग्राम वजन में उतने ही गहने बुक कर रहे हैं।

Updated on:
01 May 2025 02:44 pm
Published on:
01 May 2025 02:43 pm
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