उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्सलेन हाईवे पर भादसोड़ा थाना क्षेत्र में आधी रात के बाद रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हो गया। हादसे में कार में सवार पति-पत्नी सहित परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
चित्तौड़गढ़। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्सलेन हाईवे पर भादसोड़ा थाना क्षेत्र में आधी रात के बाद रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हो गया। कार अचानक सामने आए एक बैल से टकराकर अनियंत्रित हुई, डिवाइडर लांघकर दूसरी तरफ से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। इस भीषण भिड़त में कार में सवार पति-पत्नी सहित परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। जबकि आठ साल का एक मासूम बच्चा सुरक्षित बच गया।
शहर के सिंधी कॉलोनी हाल मधुवन सेंती निवासी किराणा व्यवसायी रिंकेश (43) पुत्र राजकुमार नानवानी व उसकी पत्नी सुहानी (41) व बेटा वैभव (08), चाची प्रतापनगर सिंधी कॉलोनी निवासी रजनी (60) पत्नी मनोज कुमार नानवानी एक विवाह समारोह में भाग लेने के लिए बुधवार को कार में उदयपुर गए हुए थे।
गुरुवार देर रात डेढ़ बजे विवाह समारोह से वापस चित्तौडगढ़ लौट रहे थे। उनके साथ कार में रिंकेश के फूफा एमपी रतलाम हाल इंदौर निवासी हीरानंद लालवानी (74) पुत्र गोपालदास लालवानी भी चित्तौड़गढ़ आ रहे थे। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्सलेन हाईवे पर भादसोड़ा थाना क्षेत्र में नरधारी गांव के पास अचानक कार के सामने बैल आ गया। कार बैल से टकरा कर अनियंत्रित हो गई डिवाइडर से टकराते हुए पलटी खाकर दूसरी दिशा में ट्रेलर से टकराकर ट्रक में फंस गई। इस भीषण हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए।
सूचना के बाद भादसोड़ा थाने के सब इंस्पेक्टर महेंद्र पुलिस जाप्ता व हाईवे पेट्रोलिंग टीम क्रेन के साथ मौके पर पहुंची। कार में सवार रिंकेश व उसकी पत्नी सुहानी आगे बैठे थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शव कार में फंसे शवों को एक क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। कार में पीछे की सीट पर बैठे फूफा हीरानंद चाची रजनी गंभीर घायल हो गए। बेटे वैभव को मामूली चोटें आई। पुलिस गंभीर घायलों को सांवलियाजी राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंची। जहां उपचार के दौरान हीरानंद व रजनी की मृत्यु हो गई।
पुलिस ने रिंकेश, सुहानी, हीरानंद व रजनी के शव को मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया। हीरानंद लालवानी का शव एमपी के इंदौर ले जाया गया। पुलिस ने रिकेंश के भतीजे प्रताप नगर सिंधी कॉलोनी निवासी मनीष नानवानी की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है।