
Chittorgarh Crime : चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा के मांगरोल गांव में हुई महिला रतनीबाई (36 वर्ष) की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए सदर थाना पुलिस ने उसके पति नानालाल प्रजापत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। विवाद के बाद पत्नी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी और वारदात को लूट का रूप देने के लिए उसके जेवर छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जेवर बरामद कर घटना का सीन रीक्रिएट करवाया है।
चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि बीती 5 जुलाई को मांगरोल निवासी रतनीबाई भैंस चराने खेत पर गई थी। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश की, तो जेके फैक्ट्री के पास चट्टानों के बीच उसका शव मिला। मृतका के पिता बालूलाल प्रजापत निवासी बनेस्टी की रिपोर्ट पर डीएसपी शिवप्रकाश के मार्गदर्शन में थानाधिकारी संजय शर्मा की टीम गठित की गई। मेडिकल बोर्ड से हुए पोस्टमार्टम में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई।
कार्रवाई में थानाधिकारी संजय शर्मा, एएसआई प्रहलाद सिंह, सउनि सुंदरपाल, कांस्टेबल जीवन, विजय और दयाराम की मुख्य भूमिका रही।
घटना के दिन गांव में सामूहिक रूप से बरसात की कामना के लिए घरों में चूरमा-बाटी बन रही थी। नानालाल ने पत्नी रतनीबाई को खेत पर जाने से मना करते हुए घर में चूरमा-बाटी बनाने को कहा। रतनीबाई के न मानने और भैंस को लेकर खेत पर चले जाने से नाराज नानालाल पीछे-पीछे खेत पहुंच गया। वहां चट्टानों के पास दोनों में कहासुनी हुई। गुस्से में नानालाल ने भैंस बांधने की रस्सी से रतनीबाई का गला घोंट दिया।
संदेह के आधार पर जब पुलिस ने मृतका के पति नानालाल से पूछताछ की, तो वह बीमारी का बहाना बनाकर सनकी बातें करने लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि 17 साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। दोनों में अक्सर झगड़ा होता था।
वारदात को लूट का रूप देने के लिए आरोपी ने पत्नी के गले से मांदलिया और पैरों से पायजेब निकाल लिए। इन्हें मांगरोल रेलवे फाटक के पास अपने दूसरे खेत में पत्थरों के नीचे छुपा दिया। इसके बाद वह घर आया और तबीयत खराब होने का नाटक कर परिजनों के साथ चित्तौड़गढ़ अस्पताल में भर्ती हो गया। शाम को जब परिजन रतनीबाई को ढूंढने निकले, तो उसने खुद ही चट्टानों की तरफ ढूंढने का इशारा किया। शक पुख्ता होने पर पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाई और आरोपी को दबोच लिया।