चित्तौडग़ढ़ में भी स्लरी पाउडर आसानी से उपलब्ध हो जाने के कारण नकली उर्वरक तैयार होने की आशंका बनी हुई है। हालाकि कृषि अधिकारियों के निरीक्षण में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
किशनगढ़ में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की ओर से नकली उर्वरक की फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई के बाद अब चित्तौडग़ढ़ में भी कृषि विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। जिले में कई जगहों पर निरीक्षण कर उर्वरक के नमूने लिए गए हैं। चित्तौडग़ढ़ में भी स्लरी पाउडर आसानी से उपलब्ध हो जाने के कारण नकली उर्वरक तैयार होने की आशंका बनी हुई है। हालाकि कृषि अधिकारियों के निरीक्षण में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार दिनेश कुमार जागा ने बताया कि राज्य में नकली उर्वरक तैयार करने का मामला सामने आने के बाद चित्तौडग़ढ़ में भी टीमों का गठन कर निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई शुरू की है।
उर्वरक निरीक्षक आदान विक्रेताओं की दुकानों व गोदामों का निरीक्षण कर रहे हैं। अब तक जिले में 26 फर्मो के यहां निरीक्षण किए जा चुके हैं। इनमें से एक जगह अनियमितता पाई जाने पर बिक्री पर रोक लगाई गई है।
जबकि दो फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जहां उर्वरक का निर्माण हो रहा है। वहां से 14 नमूने लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए भिजवाया है। खरीफ की बुवाई को देखते हुए नकली उर्वरक की बिक्री की आंशका जताई जा रही है। उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि खाद, बीज, दवाइयों से संबंधित अधिनियमों की कठोरता से पालना की जाए।
इधर किसानों से भी अपील की गई है कि वे सस्ते उर्वरक के झांसे में नहीं आएं। गौरतलब है कि किशनगढ़ में नकली उर्वरक का खुलासा होने के बाद खुलसा हुआ कि मार्बल स्लरी के पाउडर का उपयोग नकली उर्वरक बनाने में किया गया।
ऐसे में चित्तौडग़ढ़ में भी कई मार्बल फैक्ट्रियां है और यहां भी स्लरी का पाउडर आसानी से उपलब्ध हो सकता है। इसको लेकर जिले में भी नकली उर्वरक निर्माण की आशंका जताई जा रही है।
किशनगढ़ में नकली उर्वरक निर्माण का मामला सामने आने के बाद चित्तौडग़ढ़ जिले में भी निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 14 नमूने लिए जा चुके हैं। निरीक्षण जारी रहेगा।
दिनेश कुमार जागा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, चित्तौड़गढ़