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Chittorgarh: स्कूलों में मिड डे मील में एक्सपायरी दूध पर जीरो टॉलरेंस; मिलावट पर FIR, ब्लैकलिस्टिंग तय

Mid-day Meal: चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार ने मिड डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध को लेकर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है।
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चित्तौड़गढ़

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Anand Prakash Yadav

•

Updated: 3 Jan 2026, 11:07 AM IST

मिड डे मील स्कीम में एक्सपायरी दूध पर जीरो टॉलरेंस, पत्रिका फोटो

मिड डे मील स्कीम में एक्सपायरी दूध पर जीरो टॉलरेंस, पत्रिका फोटो

Mid-day Meal: चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार ने मिड डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध को लेकर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है। किसी भी स्कूल में एक्सपायरी, मिलावटी या घटिया गुणवत्ता का दूध मिलने पर सीधे एफआइआर, सप्लायर की ब्लैकलिस्टिंग और अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई होगी।

आयुक्तालय, मिड डे मील योजना ने जिलों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब हर खेप के दूध की मात्रा, गुणवत्ता और पैकिंग की मौके पर जांच अनिवार्य होगी। संदेह की स्थिति में दूध का लैब टेस्ट कराया जाएगा और रिपोर्ट आने तक वितरण रोका जाएगा।

पहली बार तय हुई व्यक्तिगत जवाबदेही

परिपत्र में पहली बार यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लापरवाही पाए जाने पर सिर्फ सप्लायर ही नहीं, बल्कि स्कूल स्तर तक जिम्मेदारी तय की जाएगी। निगरानी बैठकों में दूध की गुणवत्ता की मासिक समीक्षा होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही को अनुशासनात्मक अपराध माना जाएगा।

अब ये अनिवार्य किया गया

  • स्कूलों में एक्सपायरी दूध बच्चों को नहीं पिलाया जाएगा
  • सप्लायर से दूध प्राप्त करते समय मात्रा व गुणवत्ता की भौतिक जांच अनिवार्य
  • संदेहास्पद दूध की तुरंत लैब जांच
  • गुणवत्ता मानकों के विरुद्ध पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई
  • जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य की सीधी जिम्मेदारी तय

इस कारण लिया बड़ा फैसला

हाल के महीनों में चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों से दूध की खराब गुणवत्ता, बदबू, फटने और कम मात्रा की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने यह बड़ा फैसला लेते हुए पूरे तंत्र को सख्त निगरानी में ला दिया है।

बच्चों की सेहत पर समझौता नहीं

आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने साफ किया है कि मिड डे मील सिर्फ भोजन नहीं, बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी योजना है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की अनियमितता आपराधिक श्रेणी में मानी जाएगी।