
Chittorgarh Jail News: चित्तौड़गढ़: सुरक्षा के तमाम दावों और सख्त पहरे के बावजूद चित्तौड़गढ़ जिला जेल में डांस पार्टी, नशाखोरी और धड़ल्ले से चल रहा मोबाइल का इस्तेमाल जेल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर रहा है। पुलिस में बाकायदा मामला दर्ज होने और डीजी जेल तक जांच रिपोर्ट पहुंचने के बाद भी अब तक न तो किसी जिम्मेदार जेल प्रहरी पर कार्रवाई हुई है और न ही जेल अधीक्षक की जवाबदेही तय की गई है।
हत्या के दोषियों की बैरक में हुई पार्टी, धूम्रपान और धड़ल्ले से चले मोबाइल के वायरल वीडियो ने आमजन को चौंका दिया है। लेकिन नींद नहीं टूटी तो सिर्फ जेल प्रबंधन की। प्रतिबंध के बावजूद जेल की चारदीवारी के भीतर यह सब सामान पहुंचना सीधे तौर पर प्रहरियों की मिलीभगत और लापरवाही की ओर इशारा करता है, जिसकी कमान जेल अधीक्षक नरेंद्र स्वामी के हाथों में है। कई तरह के सवालों का जवाब अब विभागीय जांच में मिलेगा, जो मंगलवार को जोधपुर डीआईजी के नेतृत्व में शुरू होने वाली है।
हाल ही में जिला जेल की बैरक के भीतर बंदियों के नाच-गाने, मोबाइल इस्तेमाल और नशे के वीडियो वायरल हुए थे। महकमे में हड़कंप मचने पर हुई जांच में जेल से 2 मोबाइल बरामद किए गए। इसके बाद जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में 8 नामजद बंदियों के खिलाफ राजस्थान कारागार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
जेल में भ्रष्टाचार की जड़ें बेहद गहरी हैं। जनवरी 2022 से जनवरी 2023 के दौरान बंदियों के परिजनों के खातों से करीब 23 लाख रुपए का यूपीआई व नकद लेन-देन हुआ। जांच तो बिठाई गई, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि रिपोर्ट में यह सामने ही नहीं लाया गया कि इतनी बड़ी रकम किसके खातों में ट्रांसफर हुई। उल्टे जेल प्रशासन को क्लीन चिट दे दी गई, जो विभागीय पारदर्शता पर सवाल खड़े करती है।
मामले के तूल पकड़ने पर एसपी चित्तौड़गढ़ ने अपनी रिपोर्ट डीजी जेल को भेज दी है। मामले की विभागीय जांच के लिए मंगलवार को डीआईजी जेल (जोधपुर) राकेश मोहन शर्मा चित्तौड़गढ़ आएंगे।
प्रकरण दर्ज होने के बाद हमने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट डीजी जेल को सौंप दी है। दोषियों से पूछताछ होना शेष है, जो जल्द की जाएगी।
-धर्मेंद्र सिंह, एसपी, चित्तौड़गढ़
उदयपुर डीआईजी का पद रिक्त होने के कारण जोधपुर डीआईजी से मामले की जांच कराई जा रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई तय होगी।
-अशोक राठौर, डीजी जेल, जयपुर