
Weather Update: चित्तौड़गढ़ जिले में भीषण गर्मी और उमस के बीच प्री-मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। हालांकि, मौसम विभाग की मानें तो आगामी दिनों में मानसून की एंट्री के साथ ही अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून के पहुंचने की तिथि 20 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार चित्तौड़गढ़ सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तय समय से देरी से सक्रिय होने की संभावना है। जिले में मानसून की मुख्य अवधि 1 जून से 30 सितम्बर तक होती है, जिससे खेतों में सिंचाई और जलाशयों में पानी की आवक निर्भर करती है।
चित्तौड़गढ़ जिले में वर्ष 2015, 2017, 2018, 2020 और 2023 में मानसून की बेरुखी रही। इन वर्षों में बारिश का आंकड़ा 750 एमएम से काफी कम रहा, जिसके चलते जिले के अधिकांश बांध, तालाब और जलाशय पूरी तरह सूख गए थे और पेयजल संकट के साथ कृषि क्षेत्र पर भी बुरा असर पड़ा था।
इस साल जिले में 31 मई से ही प्री-मानसून का दौर शुरू हो गया था, जिसके चलते अब तक 136.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। अब किसानों से लेकर आमजन तक को झमाझम बारिश का इंतजार है ताकि खरीफ की बुवाई तेजी पकड़ सके।
शहर सहित आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार को सुबह से तेज धूप खिली रही, लेकिन उसम के कारण लोगों को हाल-बेहाल रहा। दोपहर में लोग छांव तलाशते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार बीते सोमवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री दर्ज किया गया।