
Attempt to Murder Case: चित्तौड़गढ़ शहर के निम्बाहेड़ा रोड स्थित तुलसी एन्क्लेव कॉलोनी में एक युवती को जबरन जहरीला पदार्थ पिलाकर जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। वारदात के बाद अचेत हुई पीडि़ता की हालत बहुत गंभीर बनी हुई है। उसे उदयपुर के प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। सदर थाना पुलिस ने पीडि़ता की छोटी बहन की रिपोर्ट पर गंगरार क्षेत्र निवासी दो युवकों एवं एक युवती के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
चित्तौड़गढ़ के सदर थाना पुलिस के अनुसार सांखली थाना राशमी हाल तुलसी एन्क्लेव निवासी सोनिया कीर पुत्री मांगीलाल कीर ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। सोनिया ने बताया कि उसकी बड़ी बहन चंदा तुलसी एन्क्लेव कॉलोनी में किराए के मकान में रहती है। गत 18 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे उसकी बहन के परिचित मदनलाल जाट निवासी घोसी खेड़ा गंगरार, प्रहलाद जाट तथा एक महिला उसके कमरे पर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने साजिश के तहत चंदा का मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उसे कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया।
वारदात के बाद आरोपी चंदा को पहले बिड़ला अस्पताल ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर देर रात करीब 11 बजे उसे जिला सांवलियाजी अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति को चिंताजनक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया। फिलहाल युवती को उदयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में वेंटिलेटर पर है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बहुत नाजुक बनी हुई है। शिकायतकर्ता सोनिया का कहना है कि तीनों आरोपी उसकी बहन से रंजिश रखते थे और इसी दुश्मनी के चलते उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नामजद आरोपी मदनलाल जाट कुछ समय पहले ही जेल से रिहा होकर आया था। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पीड़िता और आरोपियों के बीच विवाद या रंजिश की असली वजह क्या थी। साथ ही बाकी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
घटना के बाद पीड़िता की बहन सोनिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर चंदा की मौत होने की जानकारी दे दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आई और तुरंत जांच अधिकारी को उदयपुर भेजा गया। मौके पर जांच करने पर पता चला कि चंदा जीवित है और वेंटिलेटर पर भर्ती है। फिलहाल वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।