चित्तौड़गढ़

किसानों पर भारी बीमा कंपनियों की मनमानी, फसल खराबे का 1123.76 करोड़ का क्लेम अधरझूल में, जानें सच्चाई

बीमा कंपनियों की मनमानी और सरकारी प्रक्रिया की लेटलतीफी के कारण जयपुर समेत 29 जिलों के सैकड़ों किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का भुगतान मिलने का इंतजार है।
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राजस्थान में बीमा कंपनियों की मनमानी और सरकारी प्रक्रिया की लेटलतीफी के कारण जयपुर समेत 29 जिलों के सैकड़ों किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का भुगतान मिलने का इंतजार है। पिछले साल खरीफ सीजन में खराब हुई फसलों का अब तक क्लेम नहीं मिलने से किसान बीमा कपनियों और कृषि विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन एक साल में भी किसानों को कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। खरीफ 2024 फसल में हुए खराबे का प्रदेश के किसानों का 1123.76 करोड़ रुपए अटका हुआ है। जयपुर जिले में ही यह राशि 121.84 करोड़ रुपए है।

एक साल से क्लेम का इंतजार

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ 2024 की जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों के सैकड़ों किसानों का क्लेम अटका हुआ है। बीमा कंपनियों का चयन, किसानों का नामांकन, स्वीकार्य दावों की गणना के लिए उपज फसल नुकसान का आकलन राज्य सरकार के अधिकारियों और संबंधित बीमा कंपनी की संयुक्त समिति की ओर से किया जाता है। फसल नुकसान के दावों का निपटारा योजना के दिशा निर्देशों के तहत निर्धारित समय सीमा यानी बीमा कंपनियों की ओर से संबंधित राज्य सरकार से अपेक्षित उपज के आंकड़े प्राप्त होने के 21 दिन के भीतर किया जाता है।

रिपोर्ट में माना भुगतान में शिकायतें

केन्द्र सरकार ने माना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के दौरान दावों के भुगतान के बारे में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जो मुय रूप से सब्सिडी का राज्य सरकार का हिस्सा प्रदान करने में देरी, बैंकों की ओर से बीमा प्रस्तावों को गलत और विलंब से प्रस्तुत करने के कारण भुगतान नहीं करना, विलंबित भुगतान या दावों का कम भुगतान, उपज के आंकड़ों में विसंगति और इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार और बीमा कंपनियों के बीच विवाद आदि के कारण हैं।

कहां कितना अटका भुगतान

प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ सीजन 2024 का जयपुर जिले में 121.84 करोड़ रुपए का क्लेम बकाया है। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ में 13.35 करोड़, अजमेर में 121.21, अलवर 7, बांसवाड़ा में 1.66, बारां 2.29, बाड़मेर 18.75, भरतपुर 13.57, भीलवाड़ा में 36.68 करोड़, बीकानेर 31.97, बूंदी 12.26, चूरू 21.06, दौसा 4.16, हनुमानगढ़ 44.31, जैसलमेर 43.14, जालोर 34.08, झुंझुंनूं 18.55, झालावाड़ 15.88, जोधपुर 146.05, नागौर 146.87, कोटा 16.11, पाली 47.18, प्रतापगढ़ 8.93, सवाईमाधोपुर 24.68, सीकर 29.48, सिरोही 6.68, श्रीगंगानगर 60.83, टोंक 70.24 व उदयपुर जिले में 1.32 करोड़ रुपए का क्लेम बकाया है।

Updated on:
13 Aug 2025 10:51 am
Published on:
13 Aug 2025 10:51 am