Govt Teacher Kishan Meena Success Story: उन्होंने 6 सरकारी परीक्षाएं दी लेकिन सभी परीक्षाओं में असफलता ही हाथ लगी। फिर मेहनत रंग लाई और 7वीं परीक्षा में वह थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती में 300 में से 222 अंक लाकर पास हो गए।
Labor Day 2025 Special Story: मजदूर दिवस पर इस दिहाड़ी मजदूर की सक्सेस स्टोरी पढ़कर मोटिवेट हो जाएंगे आप। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गुंदलपुरा गांव में जन्मे किशन मीणा ने मेहनत से अपनी किस्मत ही बदली ली। 12 जनवरी 1998 को किशन मीणा का जन्म एक किसान परिवार में हुआ। माता-पिता कुशा देवी और शंकर सिंह खेती कर किसी तरह घर चलाते थे। आर्थिक मंदी के बावजूद भी बेटे को पढ़ाने की जिद उनके अंदर थी।
वहीं समझदार बेटे ने 12वीं के बाद खुद अपने पैरों पर खड़े होने का फैसला लिया और खुदका खर्चा उठाना शुरू किया। जिसके बाद महराणा प्रताप पीजी कॉलेज, चित्तौड़गढ़ से बीए में दाखिला लिया और पार्ट टाइम मजदूरी शुरू कर दी। जिसके बाद से ही मकान का किराया खाना और पढ़ाई का खर्च सब खुद ही संभाला।
शुरुआत में मजदूरी करके 440 रुपये रोज की दिहाड़ी मिलती थी। धीरे-धीरे उन्होंने छत डालना, कोलम भरना और मिस्त्री का काम भी सीख लिया जिससे मजदूरी बढ़कर 600 रुपये तक हो गई। दिनभर मजदूरी करके रात को पढ़ाई का समय निकालते और नींद भी पूरी करते।
ऐसे करते-करते बीए हो गई जिसके बाद बीएड करने के लिए उदयपुर पहुंचे। छोटे भाई और चचेरे भाई के साथ मिलकर किराए का मकान लिया। यहां भी मजदूरी और पढ़ाई साथ-साथ चलती रही।
उन्होंने 6 सरकारी परीक्षाएं दी लेकिन सभी परीक्षाओं में असफलता ही हाथ लगी। उन्होंने राजस्थान पुलिस, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, लैब असिस्टेंट और द्वितीय श्रेणी शिक्षक की परीक्षाएं दी थी लेकिन हार नहीं मानकर फिर कोशिश की।
2023 में किशन की मेहनत रंग लाई और 7वीं परीक्षा में वह थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती में 300 में से 222 अंक लाकर पास हो गए। जिसके बाद 30 सितंबर 2023 को उन्होंने नयाखेड़ा गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक पद पर जॉइन किया।
किशन मीणा इनदिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है और खुदकी जर्नी सोशल मीडिया के जरिये शेयर करते हैं। वहीं सरकारी स्कूल में पढ़ाते हुए और बच्चों की मस्तियों की रील भी शेयर करते हैं।