Jakham Irrigation Project: प्रतापगढ़ जिले के जाखम डेम को उदयपुर के जयसमंद, बड़गांव होते हुए चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध से जोड़ने के लिए 7100 करोड़ रुपए की परियोजना की डीपीआर तैयार हो रही है। इससे प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के साथ उदयपुर और राजसमंद जिले के सिंचाई तालाबों को पानी मिलेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा।
Jakham Irrigation Project: प्रतापगढ़ जिले के जाखम डेम को उदयपुर के जयसमंद, बड़गांव होते हुए चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध से जोड़ने के लिए 7100 करोड़ रुपए की परियोजना की डीपीआर तैयार हो रही है। इससे प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के साथ उदयपुर और राजसमंद जिले के सिंचाई तालाबों को पानी मिलेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ होगा। हालांकि बजट में घोषणा के बाद अभी इसकी डीपीआर तैयार हो रही है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर 4 जिलों के 2497 गांवों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलेगी।
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार खेती-किसानी को उन्नत करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। पहले से प्रचलित जाखम पेयजल परियोजना के बाद अब जाखम सिंचाई परियोजना भी आ रही है। प्रतापगढ़ जिले का जाखम डेम राज्य का सबसे बड़ा है। इसकी कुल जलभारव क्षमता 5015 मिलियन घन फीट है, जिसकी भराव ऊंचाई 31 मीटर है।
यह तालाब सीतामाता अभयाराण्य में जाखम नदी पर स्थित है और पेयजल के साथ सिचाई के भी काम आता है। इसके पानी से आसपास के कई जिलों को लाभ पहुंचाने के लिए पहले चरण में उदयपुर के जयसमंद से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद बड़गांव होते हुए इसका पानी चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया डेम को मिलेगा। इस परियोजना से कई जलाशय लबालब होंगे और हजारों किसानों की खेती को पर्याप्त सिंचाई जल मिलने लगेगा।
जाखम बांध से प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और राजसमंद के 2497 गांवों में पेयजल और सिंचाई सुविधा प्रदान करने की बड़ी परियोजना मंजूर की है। परियोजना का उद्देश्य जाखम बांध से पानी लाकर आदिवासी क्षेत्रों (प्रतापगढ़- चित्तौड़गढ़) में सिंचाई क्षमता को बढ़ाना और पेयजल संकट को दूर करना है।
इस परियोजना के प्रथम चरण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और तकनीकी बिड की प्रक्रिया फरवरी-अप्रैल 2026 के दौरान संचालित है। सरकार, जाखम बांध को जयसमंद से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर 4 जिलों के 2497 गांवों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलेगी।