Chittorgarh News : फर्जी एसपी बनकर परिवादियों को फोन कर अच्छी कार्रवाई के लिए परिवादियों से रुपए मांगकर साइबर ठगी करने के आरोपी को साइबर सेल व सदर थाना पुलिस ने यूपी-एमपी बॉर्डर के एक गांव से गिरतार किया है।
चित्तौड़गढ़. फर्जी एसपी बनकर परिवादियों को फोन कर अच्छी कार्रवाई के लिए परिवादियों से रुपए मांगकर साइबर ठगी करने के आरोपी को साइबर सेल व सदर थाना पुलिस ने यूपी-एमपी बॉर्डर के एक गांव से गिरतार किया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि सदर थानान्तर्गत ओछड़ी निवासी भैरुलाल पुत्र पन्नालाल गाडीया लौहार ने सदर थाने पर रिपोर्ट दी कि उसके पुत्र विक्रम ने परिवाद दर्ज करवाया था। उस परिवाद पर अच्छी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरतार करने के नाम पर अज्ञात मोबाइल नबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एसपी बताते हुए ऑन लाइन दस हजार रुपए भेजने की मांग कर रहा है। जिले के निकुंभ, निबाहेड़ा आदि क्षेत्रों से इसी तरह की शिकायत परिवादियों ने थाने में की। पुलिस ने माजरा समझने में देर नहीं करते हुए पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल व सदर थाने की टीम का गठन किया। टीम के सदस्यों ने अनुसंधान के बाद आरोपी को यूपी-मध्यप्रदेश के बॉर्डर पर स्थित निवाड़ी जिले के अस्तारी निवासी कौशल (25) पुत्र नंदकिशोर यादव को गिरतार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह ऑनलाइन दर्ज एफआईआर को डाउनलोड करता है। फिर फर्जी सिम से परिवादी को फोन कर फर्जी बैंक खाते में राशि जमा करवाता है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने आमजन से अपील की है कि साइबर ठग अपने आप को किसी पुलिस थाने का अनुसंधान अधिकारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का कर्मचारी या अन्य पुलिस अधिकारी का हवाला देकर प्रकरण में निपटारा करने की बात करे तो तत्काल साइबर पोर्टल 1930, निकटतम पुलिस थानाधिकारी, वृत्ताधिकारी या पुलिस नियंत्रण कक्ष के व्हाट्सएप नंबर 7300453344 पर सूचना दें। ऐसे ठगों के झांसे में नहीं आएं।
पुलिस अनुसंधान में पता चला है कि अस्तारी गांव के कई लोग इस तरह की साइबर ठगी में लिप्त हैं। जिनके खिलाफ धोखाधड़ी के कई प्रकरण दर्ज हैं। गिरतार आरोपी स्वयं मामले का फर्जी अनुसंधान अधिकारी बनकर परिवादियों से ठगी करता है।
इस टीम ने की कार्रवाई: कार्रवाई करने वाली टीम में सदर थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक बिंदु सिंह, रामचंद्र, विनोद व कुलदीप, जिला साइबर सेल से उप निरीक्षक लोकपाल सिंह, हैडकांस्टेबल राजकुमार व सिपाही रामावतार व गणपत शामिल थे।