Ajay Jaitpura Murder : अजय का शव देर रात हिसार के अस्पताल से लाकर सादुलपुर के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया गया है।
सीकर.
हिस्ट्रीशीटर अजय जैतपुरा हत्याकांड में दूसरे दिन गुरुवार को भी वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का पता नहीं चल पाया है। अजय का शव देर रात हिसार के अस्पताल से लाकर सादुलपुर के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया गया है। उधर, अजय जैतपुरा के गोली मारकर भागते बदमाशों का वीडियो सोशल मीडिया में जबरदस्त वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में दो बदमाश अजय जैतपुरा को गोली मारकर भागते हुए दिखाए दे रहे हैं। दोनों के हाथों में दो-दो पिस्टल ले रखी है। लोगों में दहशत फैलाने व वापसी की राह में कोई बाधा ना बने इसके लिए दोनों बदमाश हवाई फायर करते हुए कोर्ट रूम से अपनी जीप की तरफ भाग गए। फिलहाल शव के पोस्टमार्टम को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है। अजय जैतपुरा पक्ष के लोग अभी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि उन्हें आगामी कदम क्या उठाना चाहिए।
अजय जैतपुरा हत्याकांड का पल-पल का अपडेट
अस्पताल कड़ी सुरक्षा के घेरे में
सादुलपुर के जिस सरकारी अस्पताल में अजय जैतपुरा का शव रखवाया गया है। उसकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल व आरएसी के जवान अस्पताल के आस-पास तैनात किए गए हैं।
जानिए कौन अजय जैतपुरा
अजय जैतपुरा हार्डकोर अपराधी है। चूरू जिले के हमीरवास थाने का हिस्ट्रीशीटर व जैतपुरा गांव का रहने वाला है। वर्ष 2006 में मारपीट के मामले में नामजद आरोपित होने के बाद अजय जैतपुरा अपराध की दुनिया के दलदल में फंसता चला गया। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाने के लिए एक के बाद एक अपराध करता चला गया। आज उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती, राजकार्य में बाधा, मारपीट व चोरी के करीब 42 मामले दर्ज हो चुके थे।
इसी के परिणाम स्वरूप उसकी वर्ष 2007 में हिस्ट्रीशीट खुल गई। पुलिस के मुताबिक अजय जैतपुरा पर 24 जून 2006 पर सादुलपुर के बैरासर छोटा निवासी कुलदीप सिंह ने सादुलपुर पुलिस थाना में रास्ते में रोककर मारपीट करने व सोने की चेन तोड़कर ले जाने का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में अजय जैतपुरा का भाई विजय जैतपुरा, राजेश जैतपुरा व लाखलाण निवासी रविंद्र श्योराण को आरोपित बनाया गया था।