Churu Blind Murder: चूरू कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को नाबालिग 10 वर्षीय बालक के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बालक की हत्या करने के आरोप में मौलवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मौलवी मोहम्मद हुसैन बालक की बहन पर गलत नजर रखता था और आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ करता था।
Churu Blind Murder Case: राजस्थान के चूरू जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, जिस दरगाह को लोग अमन, सुकून और आस्था का प्रतीक मानते थे। वहीं, एक नाबालिग की हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने आमिर (10) की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए दरगाह के मौलवी मोहम्मद हुसैन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, मृतक बालक अपने परिवार के साथ अगुणा मोहल्ला स्थित उसी दरगाह परिसर में रहता था। चार जनवरी को बालक अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद उसके पिता ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। 14 जनवरी को बीहड़ इलाके में स्थित एक गिनाणी (गंदे पानी के तालाब) से बालक का शव बरामद हुआ, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
डीएसपी सुनील झाझड़िया ने प्रेस वार्ता में बताया, जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस को पता चला कि आरोपी मौलवी बालक की बहन पर गलत नजर रखता था और आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ करता था। बालक ने आरोपी को बहन के साथ छेड़छाड़ करते हुए देख लिया था। आमिर ने जब इस बात का विरोध किया और मौलवी को टोका, तो दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी रंजिश में आरोपी ने बालक को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बालक को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया, फिर उसका तौलिया से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
बालक के पिता ने पहले ही मौलवी पर संदेह जताया था। उनका कहना था कि आरोपी ने पहले भी बालक को धमकाया था। पुलिस ने इस एंगल से जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार सच्चाई सामने आ गई। फिलहाल, आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।