
Ethical Policing: चूरू पुलिस विभाग में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरक मिसाल सामने आई है। कोर्ट परिसर में ड्यूटी के दौरान महिला एएसआइ सुमन को नोटों की एक गड्डी मिली, लेकिन उन्होंने उसे अपना नहीं समझा बल्कि उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। उनकी इस ईमानदारी की पूरे पुलिस महकमे में सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को कोर्ट परिसर में ड्यूटी के दौरान महिला एएसआई सुमन की नजर जमीन पर पड़ी नोटों की एक गड्डी पर पड़ी। उन्होंने तुरंत आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर उसके मालिक का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद कोई दावा करने वाला सामने नहीं आया।
राशि के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलने पर एएसआई सुमन ने तत्काल कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया को सूचना दी। इसके बाद पूरी राशि को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर चूरू एसपी कार्यालय पहुंचीं और पुलिस अधीक्षक को सुपुर्द कर दिया। पुलिस अब राशि के वास्तविक मालिक की तलाश में जुट गई है।
महिला एएसआई की ईमानदारी की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने उनकी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं और आमजन का पुलिस पर विश्वास बढ़ाते हैं। एसपी ने इसे पुलिस के ध्येय वाक्य "आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर" की भावना के अनुरूप बताया।
जहां अक्सर गुम हुई राशि वापस मिलने की उम्मीद कम होती है, वहीं महिला एएसआई सुमन ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों की भी प्रहरी है। उनकी इस पहल की शहरभर में चर्चा हो रही है।
इधर, कोतवाली पुलिस ने नोटों की गड्डी को सुरक्षित अपने कब्जे में रख लिया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जिस व्यक्ति की यह राशि है, वह आवश्यक पहचान और पर्याप्त जानकारी के साथ कोतवाली थाने में संपर्क करे। सत्यापन के बाद राशि उसके सुपुर्द कर दी जाएगी।