
सादुलपुर . इरादा पक्का और नेक हो तो कोई काम नामुमकिन नहीं होता, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गांव गुडाण के स्वतंत्रता सेनानी चौधरी बलराम आर्य चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक हवासिंह आर्य ने। जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का एक दुर्लभ संग्रहालय का निर्माण किया है। जिसमें उनको 40 वर्ष लगे।
आर्य ने बताया कि उनका लक्ष्य था कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले एवं शहादत देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणा भावी नौजवान पीढिय़ों को मिले।
जिसके लिए उन्होंने गत चालीस वर्षों के अथक प्रयास से लगभग डेढ़ सौ स्वतंत्रता सैनानियों की आप बीती कहानी एवं स्वतंत्रता सेनानियों की जुबानी कैसेट रिकॉर्ड कर आंदोलन में घटित घटनाओं का उल्लेख किया है। तहसील एवं शेखावाटी क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों की आवाज रिकॉर्ड कर आंदोलन में उनके साथ घटित घटनाओं की जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि बीकानेर रियासत के सैनानियों का अभूतपूर्व संग्रहालय तैयार किया है।
मुंह बोलती कहानियां
इसके अलावा बीकानेर रियासत के स्वतंत्रता सेनानियों की मुंह बोलती कहानी नामक पुस्तक लिखी है। जिसमें अंग्रेजों के अत्याचारों की कहानी और जुबानी का उल्लेख किया गया है।
नौजवानों को करेंगे प्रेरित
संग्रहालय में रिकॉर्डिंग सुनने के लिए विशेष व्यवस्था की है। युवा स्वतंत्रता संग्राम का वर्णन सुनकर देश भक्ति की ओर प्रेरित होंगे। हवासिंह ने बताया कि 28 दिसंबर को स्वतंत्रता सेनानियों की मुंह बोलती कहानी नामक पुस्तक का विमोचन एवं चौधरी बल्लाराम आर्य की प्रतिमा का अनावरण शहीद भगतसिंह के भतीजे सरदार किरणजोत सिंह करेंगे। जिसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।