Weather Alert : प्रदेश में शुष्क मौसम से सर्दी का कहर बढ़ता जा रहा है। तीन दिन से लगातार गलनभरी सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट आ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सात जनवरी से मौसम में बदलाव आएगा।
Weather Alert : प्रदेश में शुष्क मौसम से सर्दी का कहर बढ़ता जा रहा है। तीन दिन से लगातार गलनभरी सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट आ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सात जनवरी से मौसम में बदलाव आएगा। विभाग के अनुसार 8 जनवरी को अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डुंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, कोटा, राजसमंद, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालौर, जोधपुर, नागौर और पाली में मेघगर्जन, वज्रपात और ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं 9 जनवरी को भी प्रदेश के अधिकतर जिलों में ऐसा ही मौसम रहेगा।
वहीं चूरू की बात करें तो शहर में सुबह गलनभरी सर्दी रही। घने कोहरे संग उत्तर- पूर्वी सर्द हवाओं चलने से लोग कांप उठे। दृश्यता 100 मीटर से भी कम रही। सुबह दस बजे के बाद कोहरा छंटा व धूप खिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि शीतलहर और कोल्ड-डे के कारण दिनभर लोग ठिठुरते रहे। शाम होते ही शहर में सर्दी बढ़ गई। मौसम केंद्र पर शुक्रवार को अधिकतम 15.02 व न्यूनतम तापमान 05.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की गति 03.07 किमी प्रतिघंटा रही। जबकि हवा में आद्रता का स्तर 67 प्रतिशत रहा।
अब आगे क्या
जयपुर मौसम केंद्र प्रभारी राधेश्याम शर्मा के मुताबिक आगामी दो दिनों तक इलाके में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके अलवा शीत दिवस व शीतलहर का असर जारी रहेगा। 7 जनवरी से मौसम में बदलाव होगा। कमजोर पश्चिमी तंत्र के सक्रिय होने से मेघ गर्जना के साथ मावठ की हल्की बारिश होने के आसार बनें हैं। 9 जनवरी को ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बाद पारे में उछाल आने की भी संभावना है।
किसानों के चेहरे चमके
मौसम के करवट लेने के साथ तापमान में कमी आने से किसानों के चेहरों पर चमक आ़ गई है। मावठ की बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की उम्मीदों को गलन वाली सर्दी ने जगाया है। ओस के मोती बरसने से फिलहाल फसल को पानी देने की भी जरूरत नहीं है। तापमान में कमी के साथ ओस भी गिर रही है। तापमान गिरना व कोहरा भी फसल के लिए लाभदायक है। कोहरे के साथ ओस गिरने से फसल में नमी हो गुई है। जो खेती के लिए मुफीद है। रबी की फसल में चना,गेहूं, सरसों, जौ, जीरा, इस्बगोल, मैथी, सौंफ व राई आदि के लिए तापमान कम होने से अच्छी पैदावार होगी। गौरतलब है कि इस बार जिले में करीब चार लाख हेक्टैयर में रबी की फसलों की बुवाई की गई है।
सब्जी उत्पादकों की बढ़ी परेशानी
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक ओस का पानी मिलने से फसल में नमी बनी रहती है, जो खेती के लिए लाभदायक है। कोहरे और बढ़ती ठंड के कारण पाले गिरने से सब्जी उत्पादक किसानों को दिक्कत आ सकती है। फिलहाल कोहरे के कारण अगेती सरसों की फसल में नुकसान है लेकिन गेहूं की फसल को फायदा मिल रहा है। सर्दी बढ़ने से चने, सरसों, व गेहूं आदि की फसलों में दाना अच्छा पड़ता है। इससे पूर्व पिछले दिसंबर में तापमान में तेजी होने से बढ़वार पर असर पड़ रहा था। फसलें अपेक्षाकृत रूप से ज्यादा नहीं बढ़ रही थी। खेतों की नमी खत्म हो रही थी और फसलों को पानी जल्द देना पड़ रहा था।