राजस्थान के चूरू जिले में पत्नी ने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। रात को वह शव के पास ही बैठी रही। जानिए चौंकाने वाला मामला-
चूरू। सदर थाना क्षेत्र की ओम कॉलोनी में पत्नी ने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। रात को वह शव के पास ही बैठी रही। सुबह इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस को आत्महत्या की बात बताई गई, लेकिन मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए युवक के परिजनों को बुला लिया। परिजनों ने पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। सदर थानाधिकारी करतारसिंह ने बताया कि मृतक भादरा इलाके के गांव बेर का निवासी मोहनलाल मेघवाल (26) था। उसके पिता दलवीर सिंह ने अपने पुत्र मोहनलाल मेघवाल की हत्या की आशंका जताते हुए पुत्रवधु सरोज के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है। चूरू पुलिस आरोपी पत्नी पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मोहनलाल और सरोज ने करीब साढे चार साल पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद वे हिसार में रहने लगे।
करीब आठ माह पहले वे चूरू की ओम कॉलोनी में किराए का घर लेकर रहने लगे थे। मोहनलाल मजदूरी करता था। वहीं सरोज कपड़े की दुकान पर काम करती थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बताया कि सरोज लगातार मृतक पर तलाक देने का दबाव बना रही थी। उसके कई बार मोहन को अंजाम भुगतने की धमकियां दी थी। तीन फरवरी को गांव में तारानगर न्यायालय से नोटिस भी भिजवाया था।
इसके अलावा 15 दिन पहले बेटे के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद मोहनलाल ने परिजनों को फोन पर पीड़ा बताई। परिजनों ने सरोज को समझाया तो उसने तलाक व हर्जाने की मांग की थी। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने सरोज पर मोहन से पीछा छुड़ाने के चक्कर में हत्या का आरोप लगाया है। युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सदर पुलिस ने घटनास्थल की गहनता से जांच की।
मौके पर आई एफएएल टीम ने मृतक के घर से कई साक्ष्य जुटाए हैं। जिनकी जांच की जा रही है। लेकिन परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला मान रही है। मोहनलाल के शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं है, लेकिन उसके गले पर रस्सी का निशान दिखाई दे रहा है। मौके पर फंदा लगाने के भी आलामात नहीं मिले हैं। कमरे में भी सरोज के अलावा किसी अन्य के होने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों के बीच हुए विवाद के बाद सरोज ने गला घोंटकर मोहनलाल की हत्या कर दी।