
सीकर/साुदलपुर. राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर उपखण्ड में छोटा सा गांव है नरवासी। इसी छोटे से गांव की बेटी प्रतिभा पूनिया ने बड़ी उड़ान भरी है। प्रतिभा पूनिया भारतीय वायुसेना में फाइटर प्लेन उड़ाएंगी। यह उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभा पूनिया वायुसेना में राजस्थान से दूसरी महिला पायलट है। इससे पहले यह गौरव झुंझुनूं जिले के गांव पापड़ा की मोहना सिंह को प्राप्त हो चुका है। मोहना सिंह देश की पहली महिला फाइटर पायलट हैं।
कौन है महिला फाइटर पायलट प्रतिभा पूनिया
-प्रतिभा पूनिया गांव नरवासी व हाल रामबास सादुलपुर निवासी रिटायर्ड सैनिक छोटूराम पूनिया व उर्मिला पूनिया की बेटी हैं।
-प्रतिभा पूनिया की प्रारम्भिक शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी हुई। बीटेक राजकीय महाविद्यालय बीकानेर से किया।
-जनवरी 2017 में देहरादून में आयोजित परीक्षा में प्रतिभा पूनिया का भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयन हुआ।
-17 दिसम्बर 2017 को हैदराबाद के डूंडीगल एयर बैस में आयोजित पासिंग आउट परेड में 105 कैडेट््स की कमिशनिंग हुई।
-इसमें 15 लड़कियां शामिल थीं। चूरू की प्रतिभा पूनिया व वाराणसी की शिवांगी सिंह ही फाइटर पायलट बन सकीं।
-प्रतिभा पूनिया व शिवांगी सिंह के पायलट बनने के भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलटों की संख्या बढकऱ पांच हो गई हैं।
-इन दोनों से पहले पिछले साल जुलाई में राजस्थान के झुंझुनूं की मोहना सिंह, बिहार के दरभंगा की भावना कांत और मध्यप्रदेश के रीवा की अवनि चतुर्वेदी फाइटर पायलट बनीं।
प्रतिभा पूनिया को पेंटिंग व घुड़सवारी का शौक
सेवानिवृत सैनिक छोटूराम पूनिया ने बताया कि बेटी प्रतिभा बचपन से ही प्रतिभा की धनी थी। उसे प्रोत्साहित किया तो उसने एक मुकाम प्राप्त किया। पेंटिंग व घुड़सवारी करना उसके शौक हैं। घुड़सवारी में प्रतिभा पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी सम्मानित हो चुकी हैं। प्रतिभा ने बताया कि चाहे कोई भी हो मेहनत के बल पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।स्वागत में बिछाए पलक पांवड़े
प्रदेश की दूसरी फाइटर प्लेन उड़ाने वाली महिला पायलट बनने के बाद प्रतिभा पूनिया मंगलवार को सादुलपुर पहुंची तो उसके स्वागत में गांव वालों ने पलक पांवड़े बिछा दिए। प्रतिभा पूनिया को बधाई देने वालों का तांता लग गया।
स्वागत में बिछाए पलक पांवड़े
प्रदेश की दूसरी फाइटर प्लेन उड़ाने वाली महिला पायलट बनने के बाद प्रतिभा पूनिया मंगलवार को सादुलपुर पहुंची तो उसके स्वागत में गांव वालों ने पलक पांवड़े बिछा दिए। प्रतिभा पूनिया को बधाई देने वालों का तांता लग गया।